COVID 19: राज्यों ने छुपाया आंकड़ा! क्या इस वजह से बढ़ रही मौतों की संख्या? हर 5 में से 1 मौत पुरानी

देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) से होने वाली मौतों को लेकर आंकड़ों में बड़े रूप से अंतर देखने को मिल रहा है.

देश में कोरोना वायरस के मामले तो कम हो रहे हैं लेकिन, मौतों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. पिछले 30 दिनों में राष्ट्रीय मृत्यु दर में शामिल होने वाली हर पांच मौतों में लगभग एक मौत पुरानी थी, जोकि पहले रिपोर्ट नहीं की गई थी. दावा किया जा रहा है कि पिछले एक महीने में कम से कम छह राज्य (महाराष्ट्र, उत्तराखंड, बिहार, गोवा, पंजाब, उत्तर प्रदेश) लगातार अपने मौत के आंकड़ों को गलत दिखा रहे थे. अबतक कुल 20 हजार 741 मौतें ऐसी हैं जो पहले दर्ज नहीं की गई थीं.

बिहार में पिछले एक महीने में हर चार मौतों में से तीन को राज्य की टैली में सिर्फ एक दिन में यानी 9 जून को जोड़ा गया. महाराष्ट्र में पिछले 30 दिनों में हुई मौतों की आधी से अधिक संख्या पुराने बैकलॉग आंकड़े थे. वहीं, उत्तराखंड में यह अनुपात 30 फीसदी था. इस कारण देश में अब मौत के मामले एकदम से बढ़ने लगे हैं. इससे ये भी सामने आता है कि अप्रैल और मई के दौरान राज्यों ने मौत के सही आंकड़े नहीं दिए थे.

राज्यों ने छुपाया मौत का असल आंकड़ा?

हिन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा शनिवार को देश के टैली में कुल 3,302 दैनिक मौतें जोड़ी गईं थी, हालांकि वास्तव में इस दिन केवल 1,316 मौतें ही हुई थीं. सभी आंकड़े एचटी (HT) के राष्ट्रीय कोरोना आंकड़ों के डैशबोर्ड से हैं, जो हर राज्य के अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के साथ मिलाए गए हैं. 3,302 में से 1,986 पुरानी मौतें थीं, जिन्हें राज्यों ने अब जोड़ा है. इसका मतलब है कि सभी नई मौतों में से 40 प्रतिशत हुई थीं.

इसी तरह शुक्रवार को देश के टैली में 4,000 दैनिक मौतें जोड़ी गईं. इस दिन महाराष्ट्र ने 2,213 मौतों का बैकलॉग जोड़ा, उत्तराखंड ने 10 और यूपी ने 4 पुरानी मौतें जोड़ी. इसका मतलब है कि इनमें से 56 प्रतिशत मौतें पुरानी थीं. वहीं, गुरुवार को यह अनुपात 3,410 मौतों में से 45 प्रतिशत था. इसमें महाराष्ट्र में 1,522, गोवा में 1, उत्तराखंड में 14, पंजाब में 3 और यूपी में 1 मौत पुरानी जोड़ी गई थी.

क्या अब किए जा रहे मौत के आंकड़े अपडेट?

हैरानी तब हुई जब अचानक बुधवार को मौत के आंकड़े चरम पर पहुंच गए. इस दिन राष्ट्रीय मौत का आंकड़ा 6,141 के रिकॉर्ड को छू गया. इनमें से 71 प्रतिशत पहले की मौतें थीं, जिनमें से अधिकांश 3,951 बिहार, 400 महाराष्ट्र और 30 उत्तराखंड में रिपोर्ट की गईं थीं. इससे ये पता चलता है कि राज्यों ने पिछले महीने में 25 दिनों के अपने टैली को अपडेट किया है, जबकि उत्तराखंड ने इसी अवधि में 27 बार ऐसा किया है.

महाराष्ट्र ने पिछले एक महीने में 15 हजार 756 पुरानी मौतों को अपनी संख्या में जोड़ा है, जोकि इस अवधि में राज्य द्वारा बताई गई सभी मौतों का 53.5 प्रतिशत है. वहीं, उत्तराखंड ने इसी दौरान 807 मौतों को अपडेट किया, जो कि 30.1 प्रतिशत है. पंजाब और उत्तर प्रदेश भी लगातार अपने मौत के आंकड़ों को अपडेट कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश ने 78 पहले की मौतों को नए आंकड़ों में जोड़ा है.

आंकड़ों को लेकर क्या कहता है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में एक लेख के जवाब में दावा किया कि भारत आधिकारिक संख्या से शायद पांच से सात गुना  अधिक मौतों का सामना कर चुका है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के हिसाब से ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना से हुई मौतें दर्ज की गई हैं. केंद्र ने कहा कि औपचारिक संचार, वीडियो कॉन्फ्रेंस और केंद्रीय टीमों की तैनाती की मदद से निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार मौतों के सही आंकड़े की मांग की गई है.

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