भागवत ने कहा- 1930 से मुस्लिमों की आबादी बढ़ाई गई, क्योंकि भारत को पाकिस्तान बनाना था पर विभाजन हुआ

  • 16 दिन पहले भागवत ने कहा था- सभी भारतीयों का DNA एक है, चाहे वो किसी भी धर्म का हो
  • ओवैसी-दिग्विजय समेत कई विपक्ष नेताओं के निशाने पर आ गए थे संघ प्रमुख

दो दिन के असम दौरे पर पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अब मुस्लिमों और पाकिस्तान पर नया बयान दिया है। संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदुस्तान में 1930 से योजनाबद्ध तरीके से मुस्लिमों की संख्या बढ़ाई गई। उन्होंने कहा था कि भारत में बंगाल, असम और सिंध को भी पाकिस्तान बनाने की योजना थी। ये योजना पूरी तरह कामयाब नहीं हुई, पर विभाजन होकर पाकिस्तान बन गया।

मोहन भागवत ने गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा की मौजूदगी में NRC-CAA पर लिखी एक बुक लॉन्च की। उन्होंने CAA-NRC पर मुस्लिमों की आशंका दूर करने की कोशिश की। कहा- NRC-CAA को हिंदू-मुस्लिम विभाजन की तरह पेश किया जाना पॉलिटिकल साजिश है। ये राजनीतिक फायदा उठाने के लिए किया जा रहा है।

CAA से मुस्लिमों को नुकसान नहीं- भागवत
भागवत बोले कि आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि अल्पसंख्यकों का ध्यान रखा जाएगा और अब तक ऐसा किया गया है। हम भी ऐसा करते रहेंगे। CAA के चलते किसी मुस्लिम को नुकसान नहीं होगा। सिटिजनशिप एक्ट इसलिए लाया जा रहा है, ताकि पड़ोसी देशों में परेशान अल्पसंख्यकों को यातना से सुरक्षा दी जा सके। अगर बहुसंख्यक भी किसी डर के कारण हमारे देश में आना चाहते हैं तो हम उनकी भी मदद करेंगे।

भागवत ने पिछले दिनों कहा था- सभी भारतीयों का DNA एक
इससे पहले 4 जुलाई को भागवत ने एक किताब की लॉन्चिंग के दौरान कहा था, “यदि कोई हिंदू कहता है कि मुसलमान यहां नहीं रह सकता है, तो वह हिंदू नहीं है। गाय एक पवित्र जानवर है, लेकिन जो इसके नाम पर दूसरों को मार रहे हैं, वो हिंदुत्व के खिलाफ हैं। ऐसे मामलों में कानून को अपना काम करना चाहिए। सभी भारतीयों का DNA एक है, चाहे वो किसी भी धर्म का हो।’

ओवैसी और दिग्विजय ने बयान पर तंज कसा था

  • हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा था, ‘RSS के भागवत ने कहा कि लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व विरोधी हैं। इन अपराधियों को गाय और भैंस में फर्क नहीं पता होगा, लेकिन कत्ल करने के लिए जुनैद, अखलाक, पहलू, रकबर, अलीमुद्दीन के नाम ही काफी थे। ये नफरत हिंदुत्व की देन है।’
  • दिग्विजय सिंह ने भी भागवत के बयान पर टिप्पणी की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘मोहन भागवत जी यह विचार क्या आप अपने शिष्यों, प्रचारकों, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं को भी देंगे? क्या यह शिक्षा आप मोदी-शाह जी और भाजपा मुख्यमंत्री को भी देंगे?’

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