‘भारत में साइबर घोटाले का बहुत बड़ा नेटवर्क’ ??
Digital Arrest ईडी ने डिजिटल अरेस्ट के एक मामले में चार्जशीट दाखिल किया है जिसमें जांच एजेंसी ने आठ लोगों को आरोपी बनाया है। एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान भारत में साइबर घोटालों का एक बहुत बड़ा नेटवर्क पाया गया। इसके अलावा और भी कई अहम खुलासे एजेंसी ने साइबर फ्रॉड को लेकर किए हैं। पढ़ें ईडी ने क्या-क्या कहा।
- गिरफ्तार सभी आठ आरोपित इस समय न्यायिक हिरासत में।
ज्यादा मुनाफे का दिया जाता है लालच
पिग बूचरिंग घोटाले के नाम से प्रचलित शेयर बाजार निवेश घोटाले में लोगों को उच्च मुनाफे का लालच देकर फर्जी वेबसाइटों व भ्रामक वाट्सएप ग्रुप्स का उपयोग करके लुभाया जाता है। इन भ्रामक वाट्सएप ग्रुप्स को देखने से ऐसा लगता है कि ये प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों से जुड़े हैं।
(देश में डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। File Image)
क्रिप्टोकरेंसी में बदली रकम
ईडी ने बताया कि आरोपितों ने साइबर अपराधों से प्राप्त रकम को हासिल करने और उसे वैध बनाने के लिए तमिलनाडु, कर्नाटक और कुछ अन्य राज्यों में 24 मुखौटा कंपनियां बनाई थीं। ये मुखौटा कंपनियां मुख्य रूप से कोवर्किंग स्पेस (जहां कोई वास्तविक कारोबार नहीं होता) पर पंजीकृत हैं। कारोबार शुरू करने के सुबूत के रूप में इन्होंने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के समक्ष फर्जी बैंक स्टेटमेंट दाखिल किए थे। ईडी की जांच में पाया गया कि आरोपितों ने प्राप्त रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदला और विदेश में ट्रांसफर कर दिया। ईडी ने इस मामले में 10 अक्टूबर को आरोपपत्र दाखिल किया था और अदालत ने 29 अक्टूबर को इस पर संज्ञान लिया था।
आई4सी ने जारी की नई एडवाइजरी
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने रविवार को एक नई एडवाइजरी जारी की, जिसमें लोगों से ‘डिजिटल अरेस्ट’ से सावधान रहने की अपील की गई है। इसमें कहा गया कि वीडियो कॉल करने वाले लोग पुलिस, सीबीआई, सीमा शुल्क अधिकारी या न्यायाधीश नहीं, बल्कि साइबर अपराधी होते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले संगठन ने एडवाइजरी में लोगों से इन ‘चालबाजी’ में नहीं फंसने और ऐसे अपराधों की शिकायत तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर या साइबर अपराधों से जुड़े आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज कराने को कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने 27 अक्टूबर को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का मुद्दा उठाया था।