इंदौर : 800 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां, 647 तो नगर निगम सीमा में, 434 पर सरकारी विभागों की ही आपत्ति !!!

पुरानी कॉलोनियों में न कार्रवाई संभव, न जुर्माना:800 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां, 647 तो नगर निगम सीमा में, 434 पर सरकारी विभागों की ही आपत्ति

इनके अलावा 647 नई अवैध कॉलोनियों के मामले मंजूरी के लिए कतार में हैं। 434 कॉलोनियां ऐसी हैं, जिन पर सरकारी विभागों की ही आपत्ति है। निगम सीमा के बाहर जिला प्रशासन दो साल में 100 से ज्यादा अवैध कॉलोनियों के मामले में एफआईआर करवा चुका है।

शहरी सीमा के बाहर 100 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां पर हो चुकी है एफआईआर

  • 137 अवैध कॉलोनियों में इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं दी जा चुकी हैं
  • इनसे निगम को 12.67 करोड़ का विकास शुल्क मिला।
  • 11 अवैध कॉलोनियां ऐसी हैं, जिनमें अनापत्ति/अभिमत प्राप्त है, दावे-आपत्ति ली जाना है
  • 25 अवैध कॉलोनियां ऐसी हैं, जिनमें विकास शुल्क तय करना है।
  • 40 अवैध कॉलोनियां में पत्राचार जारी है, इनके वैध होने की संभावना है।

रजिस्ट्री शून्य घोषित करने का था फैसला

अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों की रजिस्ट्री को शून्य कराए जाने का फैसला इस साल 26 मई को तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने लिया था।

एक ही बिल्डर लाइसेंस का निर्णय अच्छा

एक्सपर्ट के मुताबिक जुर्माने या सजा की है, वह जरूर लागू हो सकती है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक ही बिल्डर लाइसेंस अच्छा निर्णय है, क्रेडाई इसके लिए लंबे समय से प्रयासरत है। इंदौर क्रेडाई चेयरमैन संदीप श्रीवास्तव के मुताबिक यह हमारी लंबे समय से मांग थी।

काॅलोनी सेल को ऑनलाइन करने में इंदौर पहला जिला

इंदौर प्रदेश का पहला ऐसा जिला है, जहां काॅलोनी परमिशन का पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो चुका है। जिला काॅलोनी सेल इंचार्ज, एसडीएम प्रदीप सोनी के मुताबिक ‘CROPS’ सॉफ्टवेयर से हर काम की समय-सीमा तय है। कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक 100 से ज्यादा पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनकी रजिस्ट्री पर भी रोक है। आगे भी ऐसे मामले सामने आएंगे तो कार्रवाई होगी।

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