अब बढ़ा सकेंगे MBBS सीटें, इस साल से लागू होगी नई व्यवस्था !!!!

MP के पुराने मेडिकल कॉलेजों को बड़ी राहत, अब बढ़ा सकेंगे MBBS सीटें, इस साल से लागू होगी नई व्यवस्था

MP Medical Colleges: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जारी नए आदेश से प्रदेश के पुराने मेडिकल कॉलेजों को बड़ी राहत मिली है। इस आदेश के बाद अब मेडिकल कॉलेजों पर लगी अधिकतम सीटों की सीमा लगभग खत्म हो गई है। इससे अगस्त 2023 में जारी उस गजट नोटिफिकेशन का असर कमजोर पड़ गया हMP के पुराने मेडिकल कॉलेजों को बड़ी राहत, अब बढ़ा सकेंगे MBBS सीटें, इस साल से लागू होगी नई व्यवस्थाMP के पुराने मेडिकल कॉलेजों को बड़ी राहत।

  1. पुराने मेडिकल कॉलेजों को बड़ी राहत
  2. NMC के नए आदेश से खत्म हुई सीमा
  3. सत्र 2026-27 से लागू होगी व्यवस्था

ग्वालियर। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जारी नए आदेश से प्रदेश के पुराने मेडिकल कॉलेजों को बड़ी राहत मिली है। इस आदेश के बाद अब मेडिकल कॉलेजों पर लगी अधिकतम सीटों की सीमा लगभग खत्म हो गई है। इससे अगस्त 2023 में जारी उस गजट नोटिफिकेशन का असर कमजोर पड़ गया है, जिसमें पुराने मेडिकल कॉलेजों के लिए एमबीबीएस सीटों की संख्या सीमित कर दी गई थी।

2023 में जारी किया था गजट नोटिफिकेशन

सरकार ने अगस्त 2023 में जारी गजट नोटिफिकेशन में नियम बनाया था कि कोई भी मौजूदा मेडिकल कॉलेज 250 से अधिक सीटों के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। वहीं नए खुलने वाले मेडिकल कॉलेजों के लिए अधिकतम 150 सीटों की सीमा तय की गई थी। इसका उद्देश्य देशभर में मेडिकल सीटों का संतुलन बनाए रखना था, लेकिन इससे ग्वालियर के जीआरएमसी, इंदौर के एमजीएम और भोपाल के जीएमसी जैसे बड़े और पुराने कालेजों की विस्तार योजनाएं रुक गई थीं।

मेडिकल कॉलेजों को मिलने की संभावना

लेकिन अब नए आदेश का लाभ ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों को मिलने की संभावना है। इन कॉलेजों में पहले से ही पर्याप्त बेड, फैकल्टी और अस्पताल सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे उन्हें एनएमसी से सीट वृद्धि की मंजूरी मिलने में आसानी होगी।

एनएमसी का नया आदेश

22 दिसंबर 2025 को एनएमसी के सचिव डॉ. राघव लैंगर द्वारा जारी आदेश के बाद स्थिति बदल गई है। सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही यह साफ हो गया कि अब पुराने मेडिकल कॉलेजों के लिए सीटों की अधिकतम सीमा की बाध्यता को शिथिल कर दिया गया है। नए आदेश के अनुसार, यदि किसी मेडिकल कॉलेज के पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर, योग्य फैकल्टी और मरीजों की संख्या (पेशेंट लोड) उपलब्ध है, तो वह अपनी एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकता है।

अभी कहां कितनी सीटें?

मेडिकल कालेज – सीट संख्या

गजराराजा मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर – 200

गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल – 250

महात्मा गांधी कॉलेज, इंदौर – 250

नेताजी सुभाष चंद्र बोस कॉलेज, जबलपुर – 250

श्याम शाह मेडिकल कॉलेज, रीवा – 150

शासकीय मेडिकल कॉलेज, रतलाम – 180

अटल बिहारी वाजपेयी कॉलेज, विदिशा – 180

यूजी-पीजी सीट संख्या में वृद्धि के लिए आवेदन करने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके लिए अधिष्ठाता ने विभागाध्यक्षों से फैकल्टी, उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी जानकारी मांगी है। इससे जो कमियां हैं, उनको दूर किया जाएगा। जिससे सीट संख्या में वृद्धि हो सके- डॉ. केपी रंजन, प्रवक्ता, जीआरएमसी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *