IIT-BHU गैंगरेप…रीवा में तीनों आरोपि चुनाव प्रचार कर रहे थे !
IIT-BHU गैंगरेप…तीनों आरोपियों को पकड़ने MP गई थी पुलिस ….
रीवा में चुनाव प्रचार कर रहे थे, अब मोबाइल की फोरेंसिक जांच होगी
IIT-BHU गैंगरेप मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वाराणसी पुलिस तीनों आरोपियों को ट्रेस करते हुए मध्य प्रदेश गई थी। जहां रीवा में तीनों आरोपी कुणाल, सक्षम और अभिषेक चुनाव में सोशल मीडिया कैंपेनिंग कर रहे थे। वहीं पुलिस ने CCTV फुटेज से तीनों आरोपियों के चेहरे का मिलान किया।
सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपी कन्फर्म होने के बाद टीम वापस वाराणसी आ गई। फिर यहां इलेक्ट्रानिक सबूत इकट्ठा किए। चूंकि मामला हाई-प्रोफाइल था, इसलिए पुलिस कोई भी चूक नहीं करना चाहती थी। वाराणसी लौटकर पुलिस ने सबूत जुटाने शुरू कर दिए।
वारदात यानी 1 नवंबर की रात तीनों आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन कहां-कहां रही, किस जगह कितनी देर रुके, इसकी जांच के साथ ही रास्तों के CCTV फुटेज चेक किए गए। सब कुछ कन्फर्म होने के बाद पुलिस ने 30 दिसंबर की रात तीनों आरोपियों को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि गिरफ्तारी के 4 दिन बीत जाने के बाद भी इस पूरे मामले पर वाराणसी पुलिस ने कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है। न ही वाराणसी पुलिस टीम के रीवा जाने को लेकर कोई अधिकृत पुष्टि की गई है।
वारदात के बाद 15 दिन MP में रहे आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के 3 दिन बाद यानी 5 नवंबर को तीनों आरोपी कुणाल, सक्षम और अभिषेक मध्य प्रदेश के रीवा चले गए थे। करीब 15 दिनों तक तीनों आरोपी वहीं पर रहे।
इधर, BHU में वारदात के अगले दिन यानी 2 नवंबर से जबरदस्त प्रदर्शन शुरू हो गया। मामला PMO तक पहुंच गया। वहां से पूरे मामले में रिपोर्ट मांग ली गई। इससे दबाव में आकर वाराणसी पुलिस ने जांच तेज कर दी। कई टीमों ने 300 से ज्यादा CCTV चेक किए। इनमें एक फुटेज में तीन युवक बुलेट पर नजर आए।
पुलिस को इन पर शक हुआ। बाद में पीड़ित ने भी फुटेज देखकर तीनों आरोपियों की पहचान कर ली। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों आरोपी रीवा में एक प्रत्याशी के चुनावी प्रचार में गए हुए हैं। इसीलिए पुलिस टीम रीवा तक इनको ट्रेस करते हुए पहुंची।
इधर, 15 दिन बाद जब मामला ठंडा हो गया तो तीनों आरोपी वाराणसी आ गए। यहां पर बेफिक्र हो गए। उन्हें लगा कि पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाएगी। इस बीच, 3 दिसंबर को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आया। 4 दिसंबर के बाद तीनों आरोपी दो बार और वाराणसी से मध्य प्रदेश गए थे।
मोबाइल से न्यूड वीडियो बनाया था, सभी की फोरेंसिक जांच होगी

वारदात के दौरान तीनों आरोपियों ने छात्रा का न्यूड वीडियो बनाया था। यह वीडियो किस आरोपी के मोबाइल से शूट हुआ था। यह अभी पुलिस ने नहीं बताया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक जिस मोबाइल से वीडियो शूट हुआ था, उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
यही नहीं, वारदात के बाद तीनों आरोपियों ने किस-किस से बात की, किस-किस के संपर्क में रहे, यह पता करने के लिए वाराणसी पुलिस तीनों की जांच कराने जा रही है। छात्रा के जिस न्यूड वीडियो को इन्होंने शूट किया था। उसे डिलीट कर दिया या फिर उसका क्या किया। पुलिस इस बारे में भी जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि पुलिस आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज को बतौर साक्ष्य कोर्ट में चार्जशीट जमा होने के बाद सब्मिट करने की तैयारी में है।
तीनों आरोपियों का नया पता, जिला जेल की बैरक नंबर-10
30 दिसंबर की रात गिरफ्तारी के बाद 31 दिसंबर को तीनों आरोपियों को 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया। जेल सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपियों को सेंट्रल जेल की बैरक नंबर-10 में रखा गया है। क्वारैंटाइन के 10 दिन पूरा करने के बाद अगर जांच में कोरोना नहीं निकला तो इन्हें अलग-अलग बैरकों में रखा जाएगा।
जेल में स्टाफ के सामने आरोपी खुद को निर्दोष बता रहे हैं। बार-बार जेल अफसरों से बात करने की कोशिश कर रहे हैं। जेल के अंदर इनके ऊपर पूरी निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय नेताओं के सोशल मीडिया हैंडल करते थे तीनों
गैंगरेप के तीनों आरोपी वाराणसी में लोकल नेताओं के सोशल मीडिया मैनेजर के तौर पर काम करते थे। इनमें विधायक और बीजेपी के बड़े पदाधिकारियों समेत BHU अस्पताल में जांच करने का काम करने वाली एजेंसियों के मालिकों का भी नाम सामने आ रहा है। आरोपी अक्सर इन लोगों के साथ मिलकर उनके कारोबार से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट को मैनेज करते थे।
BHU कैंपस में करते थे रेसिंग, दोस्तों संग मनाते थे पार्टी
गैंगरेप के तीनों आरोपियों के चेहरे सामने आने के बाद अब यह भी पता चला है कि यह लगातार BHU कैंपस में जाते थे। सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपी काशी प्रांत BJP के सिगरा स्थित गुलाब बाग वाले ऑफिस में बैठते थे। वहां से फील्ड ड्यूटी के दौरान मौज मस्ती करने BHU कैंपस आते थे।
छात्र बोले- उन्हें कैंपस सिक्योरिटी का कोई डर नहीं था
IIT-BHU के छात्रों की माने तो कुणाल, सक्षम अभिषेक उर्फ आनंद 1 नवंबर (रेप कांड की रात) से पहले भी कैंपस में आते-जाते रहते थे। उन्हें न तो कैंपस में सिक्योरिटी का कोई डर था। न ही प्रशासन की परवाह। वो बुलेट और जीप तेज रफ्तार रफ्तार में कैंपस के अंदर दौड़ाते थे। रेस लगाते थे। हालांकि छात्र कहते हैं कि कैंपस में गैंगरेप होने के बाद इन तीनों की चर्चा कम हो गई। लोग खुलकर कुछ नहीं कह रहे हैं।
बिड़ला हॉस्टल के एक छात्र मृत्युंजय तिवारी के अनुसार, BHU के सिंह द्वार पर रात के 12 बजे के बाद कई मनचले और बदमाश लड़के दोस्तों का बर्थडे मनाने आते थे। बुलेट की गद्दी पर केक रखकर काटा जाता था। खूब हो-हल्ला और रील्स बनाए जाते थे। जीप और थार गाड़ियों की कतारें लग जाती थीं।
कैंपस के अंदर पूरे 4-5 किलोमीटर के एरिया में रात करीब 2 बजे तक 50 से ज्यादा जीप और थार समेत कारें और बाइक्स लेकर बाहरी घुसते थे। सुनसान जगह पर शराब पीते, रील्स रिकॉर्ड करते, फिर लड़कियां छेड़ते हुए कैंपस से बाहर निकल जाते थे। करीब 40-50 की संख्या में मनचलों का आना होता था।
वारदात वाली रात क्या हुआ था? छात्रा की FIR से जानिए..
पीड़ित ने 2 नवंबर को पुलिस को दी शिकायत में कहा था, ‘मैं 1 नवंबर की रात 1:30 बजे अपने हॉस्टल से किसी जरूरी काम के लिए बाहर निकली। कैंपस के गांधी स्मृति चौराहे के पास मुझे मेरा दोस्त मिला। हम दोनों साथ में जा रहे थे कि रास्ते में कर्मन बाबा मंदिर से करीब 300 मीटर दूर पीछे से एक बुलेट आई। उस पर 3 लड़के सवार थे। उन लोगों ने बाइक खड़ी करके मुझे और मेरे दोस्त को रोक लिया।
इसके बाद उन लोगों ने हमें अलग कर दिया। मेरा मुंह दबाकर मुझे एक कोने में ले गए। वहां पहले मुझे किस किया, उसके बाद कपड़े उतरवाए। मेरा वीडियो बनाया और फोटो खींची। मैं जब बचाव के लिए चिल्लाई तो मुझे मारने की धमकी दी। करीब 10-15 मिनट तक मुझे अपने कब्जे में रखा और फिर छोड़ दिया।
मैं अपने हॉस्टल की ओर भागी तो पीछे से बाइक की आवाज आने लगी। डर के मारे मैं एक प्रोफेसर के आवास में घुस गई। वहां पर 20 मिनट तक रुकी और प्रोफेसर को आवाज दी। प्रोफेसर ने मुझे गेट तक छोड़ा। उसके बाद पार्लियामेंट सिक्योरिटी कमेटी के राहुल राठौर मुझे IIT-BHU पेट्रोलिंग गार्ड के पास लेकर पहुंचे। जहां से मैं अपने हॉस्टल तक सुरक्षित आ पाई। तीनों आरोपियों में से एक मोटा, दूसरा पतला और तीसरा मीडियम हाइट का था।