नोएडा प्राधिकरण से CBI ने मांगे बिल्डर्स के दस्तावेज !
दिल्ली-एनसीआर में हजारों होमबायर्स के साथ धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर्स के खिलाफ सीबीआई बड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने हाल ही में 22 पर एफआईआर दर्ज कर 47 ठिकानों पर छापेमारी की थी यह एक्शन सबवेंशन स्कीम घोटाले से जुड़ा है। जिसमें बिल्डर्स और वित्तीय संस्थानों ने मिलकर होमबायर्स को ठगा गया।
इसी फाइनेंशियल संस्थानों और बिल्डर के बीच के कुछ दस्तावेज प्राधिकरण में जमा है जिसे सीबीआई खंगालते खंगालते यहां पहुंची और दस्तावेजों की डिमांड की है। बता दे अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को 7 प्रीलिमिनरी इंक्वायरी शुरू करने को कहा था। सीबीआई ने 3 महीने के भीतर 6 प्रीलिमिनरी इंक्वायरी पूरी की और कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी।
इससे पहले सीबीआई ने बिल्डर से संबंधित दस्तावेज नोएडा, ग्रेटरनोएडा प्राधिकरण से लिए थे। जिसमें काफी खामियां मिली। इन्ही साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई ने तलाशी अभियान चलाया और दस्तावेज के जरिए शिकंजा कसने की तैयारी है।
बिल्डर 2014 में लाए थे सबवेंशन स्कीम
नोएडा, ग्रेटर नोएडा में सब वेंशन स्कीम के तहत लाई गई ग्रुप हाउसिंग योजनाओं की शुरुआत 2014 के आसपास हुई थी। योजना में धांधली के लिए कुछ बिल्डरों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों से लोन पास कराए। बैंकों ने बिना मूल्यांकन और निरीक्षण के रकम जारी कर दी। अधिकारियों के अनुसार, बिल्डर और बैंक के बीच अघोषित समझौते के तहत बैंकों ने बिल्डरों को लोन की पूरी राशि दे दी।
शर्तों के तहत फ्लैट का कब्जा मिलने तक बिल्डर को ही ईएमआई का भुगतान करना था, लेकिन कुछ समय बाद बिल्डरों ने ईएमआई देनी बंद कर दी और खरीदारों को फ्लैट भी नहीं दिए। इससे खरीदारों पर ईएमआई का बोझ आ गया और बड़ी संख्या में खरीदार डिफॉल्टर हो गए। कुछ वर्षों बाद इन योजनाओं को लाने वाले अधिकांश बिल्डर दिवालिया हो गए।
40 परियोजनाओं के बायर्स हुए डिफाल्टर
नोएडा-ग्रेनो समेत एनसीआर की करीब 40 परियोजनाओं में हजारों फ्लैट खरीदार फंसे हुए हैं। सीबीआई स्पोर्ट्स सिटी मामले की भी जांच कर रही है। इस सिलसिले में तीन-चार बार सीबीआई की टीम प्राधिकरण के दफ्तर आ चुकी है।

