ग्वालियर – आउटसोर्स भर्ती घोटाले को लेकर परिषद में हंगामा.!
आउटसोर्स भर्ती घोटाले को लेकर परिषद में हंगामा:शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए ग्वाला नगर बसाने की मांग
नई नगर सरकार का पहला बजट बुधवार को सर्वसम्मति से पास हो गया। इससे पहले विपक्ष में बैठी भाजपा के पार्षदों द्वारा लगाए गए 20 संशोधन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें से तकनीकी खामी सहित अन्य कारणों से 19 संशोधन प्रस्ताव निरस्त हुए। बजट बैठक के दौरान निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में हुए घोटाले को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए। इसके साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए कैटल फ्री जोन बनाने और ग्वाला नगर बसाने पर भी पार्षदों की सहमति बनी। इसके लिए अलग से बैठक बुलाई जाएगी।
महापौर डॉ. शोभा सिकरवार द्वारा पेश किए गए बजट पर विपक्ष में बैठी भाजपा के पार्षदों ने 47 संशोधन प्रस्ताव लगाए थे। इनमें से 27 पर मंगलवार को चर्चा कर तीन संशोधन प्रस्तावों को निरस्त कर दिया गया था। बैठक की शुरुआत में मजदूरी के लिए रखे गए 73 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान को लेकर विपक्ष के पार्षदाें ने हंगामा मचाया। उनका कहना था कि ये कौन से मजदूरों को भुगतान किया जा रहा है, यह स्पष्ट होना चाहिए। इस पर सत्तापक्ष की ओर से कृष्णराव दीक्षित और अवधेश कौरव ने बताया कि इस मद से विनियमित, आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ ही पंप ऑपरेटरों का भुगतान किया जाता है। इस पर विपक्ष के पार्षदों ने एक बार फिर यह कहते हुए हंगामा किया कि पंप ऑपरेटरों के भुगतान के लिए तो एक मद और रखी गई है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों में ज्यादा बहस बढ़ी तो सभापति मनोज तोमर ने दो मिनट के लिए परिषद स्थगित कर दी। विपक्ष द्वारा कर्मचारियों की संख्या को लेकर उठाए गए सवाल पर दीक्षित ने बताया कि निगम में 2792 विनियमित और 2664 आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं। इसके अलावा 315 पंप ऑपरेटर भी हैं।
सभापति ने सदन की भावना के अनुसार इस मद को लेकर बजट में जो भी त्रुटि है, उसमें संशोधित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वाहन और भवन मरम्मत की मद को लेकर भी विपक्ष के पार्षदों ने आपत्ति लगाई। बाद में उन्हें समझाया गया कि वाहनों के मद में नए वाहनों की खरीदी भी शामिल है। बैठक के प्रांरभ में ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक व उद्यानिकी मंत्री भारत सिंह कुशवाह के प्रतिनिधि के रूप में गिर्राज सिंह गुर्जर को निगम परिषद में नियुक्त किया गया। बैठक के अंत में निगम परिषद के कर्मचारी देवराज के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया गया।