‘मौत का रास्ता’ दिखाने पर फंसा गूगल ?

‘मौत का रास्ता’ दिखाने पर फंसा गूगल: PWD के चार इंजीनियरों पर केस, जांच में उजागर हुई बड़ी लापरवाही
Bareilly Bridge Accident : बरेली-बदायूं की सीमा पर अधूरे पुल से कार नीचे गिर गई थी। इस हादसे में तीन युवकों की जान चली गई। इस मामले में बदायूं के नायब तहसीलदार ने पीडब्ल्यूडी पर लापरवाही का आरोप लगाकर चार इंजीनियरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। गूगल मैप के क्षेत्रीय अधिकारी के खिलाफ शिकायत की गई है। 
बदायूं के समरेर को बरेली के फरीदपुर से जोड़ने वाले अधूरे पुल से रविवार तड़के कार समेत नीचे गिरे तीन युवकों की मौत के मामले में पीडब्ल्यूडी के दो सहायक व दो अवर अभियंताओं समेत कई अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। नामजद अभियंताओं का निलंबन तय माना जा रहा है। वहीं, गलत रास्ता दिखाने के लिए गूगल मैप के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ भी शिकायत की गई है। हालांकि, पुलिस ने मुकदमे में गूगल या उसके किसी अधिकारी को नामजद नहीं किया है। विवेचना में कुछ नाम बढ़ाए जा सकते हैं।
bareilly bridge accident complaints against google map and PWD engineers in budaun
सोमवार को दातागंज के नायब तहसीलदार छविराम ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि पुल का पहुंच मार्ग पिछले साल सितंबर में बह गया था। बावजूद, पीडब्ल्यूडी ने मजबूत अवरोधक, बैरिकेडिंग व सांकेतिक बोर्ड नहीं लगवाया। एक पतली दीवार से बंद कर दिया, जिसे अज्ञात लोगों ने तोड़ भी दिया था। कोई अवरोधक न होने से गूगल भी रास्ते को सही दिखा रहा था। इस पर पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता मोहम्मद आरिफ व अभिषेक कुमार, अवर अभियंता अजय गंगवार, महाराज सिंह व कई अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
bareilly bridge accident complaints against google map and PWD engineers in budaun
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अभियंताओं की लापरवाही उजागर
अधूरे पुल की वजह से हुए हादसे का संज्ञान शासन ने लिया है। प्रशासन की प्रारंभिक जांच में पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं की लापरवाही उजागर होने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही, विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता ने मामले की रिपोर्ट तलब की है।
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घटनास्थल पर पहुंचे मुख्य अभियंता 
मुख्य अभियंता अजय कुमार सोमवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने विभागीय मुख्यालय और शासन के अधिकारियों को हकीकत से अवगत कराया। अधीक्षण अभियंता को विभागीय जांच के आदेश दिए। अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने स्थानीय लोगों के बयान लिए। विभागीय अभियंताओं का पक्ष भी सुना। हादसे रोकने के लिए पुल से पहले चार स्थानों पर अब कराई गई बैरिकेडिंग देखी।

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