कोटा जिले में बीजेपी नेता और अधिवक्ता इंद्रमोहन सिंह हनी की तरफ से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष कोर्ट में एक याचिका लगाई गई है। इसमें विमल पान मसाला के निर्माता, फिल्म एक्टर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्राफ के खिलाफ युवाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया गया है।
याचिका को कोर्ट ने स्वीकार करते हुए तीनों अभिनेता और विमल मसाला के निर्माता से 21 अप्रैल तक मामले में जवाब मांगा है। याचिका में बताया गया है कि इस तरह के मिथ्या या भ्रामक विज्ञापन देश में उपभोक्ताओं पर प्रतिकुल प्रभाव डाल रहे हैं। ऐसे विज्ञापनों पर रोक लगनी चाहिए। इसके लिए प्रभावी उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 दंडनीय बनाया गया है। निर्माताओं को कोई अधिकार नहीं है कि वो युवाओं को भ्रमित करें।
अधिवक्ता इंद्रमोहन सिंह हनी
परिवादी इंद्रमोहन सिंह हनी ने बताया कि याचिका में यह भी जानकारी दी गई है कि देश में एक मई 2004 से तंबाकू उत्पाद के विज्ञापनों पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन उसके बाद भी चंद रुपये के लिए भ्रामक प्रचार किया जाता है, जिससे युवाओं का ध्यान भटकाया जा रहा है। हनी का कहना है कि भारत देश को छोड़कर किसी भी देश के एक्टर किसी भी तरह का नशे या अन्य कोई विज्ञापन नहीं करता है, जिससे इसका असर समाज और युवाओं पर पड़े।
गलत प्रचार कर बेच रहे
बाजार में केसर का भाव तीन लाख रुपये किलोग्राम है। लेकिन मसाला के निर्माता और चंद अभिनेता इसको गलत प्रचार कर बेच रहे हैं, जिसका असर युवाओं के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ये देश का दुर्भाग्य भी है कि हमारे देश के युवा भी इन अभिनेताओं को अपना आइडल मानते हैं। ऐसे भ्रामक प्रचार को रोकने के लिए इस याचिका को लगाया है, जिसमें 21 अप्रैल तक इन सभी से जवाब मांगा गया है।
क्या बोले अधिवक्ता
इंद्रमोहन सिंह हनी का कहना है कि ऐसा इसलिए जरूरी था, क्योंकि इस तरह के विज्ञापनों पर रोक लग सके और दूसरे अभिनेता भी अगर कोर्ट की कार्रवाई से डरेंगे तो वो भी ऐसे मसाले का विज्ञापन नहीं करेंगे। परिवादी का ये भी कहना है कि ये अभिनेता अपने बच्चों को कभी भी मसाला खाने के प्रेरित नहीं करेंगे। लेकिन दूसरे के बच्चों को दलदल में धकेलने के लिए तैयार हैं। हजारों करोड़ की संपत्ति के मालिक होने के बाद भी कुछ रुपये के लिए इस तरह के विज्ञापन कर रहे हैं, इनको रोकना बेहद जरूरी है।