व्यापम घोटाले का खुलासा करने वाले पर धमकाने का आरोप

व्यापम घोटाले का खुलासा करने वाले पर धमकाने का आरोप
किसान का दावा- जमीन के मामले में हत्या करने की धमकी दी; एसपी से की शिकायत
RTI कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है…

मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले में हुई गड़बड़ी का खुलासा करने वाले RTI एक्टिविस्ट आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ धमकाने का आरोप लगा है। ग्वालियर के किसान आलोक रघुवंशी ने दावा किया है कि आशीष ने उन्हें जमीन से जुड़े मामले में हत्या करने की धमकी दी है। उसके बाद भी पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। यह मामला एसपी ऑफिस तक पहुंच गया है।

फरियादी आलोक रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने महलगांव के सर्वे क्रमांक 1306 पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के लिए आशीष चतुर्वेदी ने उन्हें धमकाया।

आशीष पर अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौज और जिंदा जलाने की धमकी देने का भी आरोप है।

आलोक रघुवंशी ने मंगलवार को जनसुनवाई में आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ शिकायत की।
आलोक रघुवंशी ने मंगलवार को जनसुनवाई में आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ शिकायत की।

मामला चंदवनी नहर का, इस पर लोगों का कब्जा

फरियादी आलोक रघुवंशी किसान हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि यह मामला नाका चंदवनी की नहर से जुड़ा हुआ है। नहर की लंबाई और चौड़ाई करीब तीन से साढ़े तीन बीघा है और यह उनके गांव के सर्वे नंबर 1306 में आता है। नहर पर कई लोगों का कब्जा है। कमिश्नर ने इस शिकायत को एसडीएम के पास टाइम लिमिट में भेजा था। 15 फरवरी 2024 को जब रघुवंशी इस मामले में एसडीएम कार्यालय गए थे, तो लौटते समय उन्हें एक अनजान व्यक्ति ने पर्ची दी, जिस पर एक मोबाइल नंबर लिखा था। उस नंबर पर बात करने को कहा गया।

आरोप- आशीष ने कहा, मुख्यमंत्री भी मुसझे डरते हैं

आलोक रघुवंशी का दावा है कि पर्ची पर दिए गए नंबर पर जब उन्होंने कॉल किया, तो फोन आशीष चतुर्वेदी ने उठाया। उसने अपने रसूख की धौंस जमाते हुए कहा- ‘मैं आशीष चतुर्वेदी बोल रहा हूं, मुझे पूरा प्रदेश जानता है। मुख्यमंत्री भी मुझसे डरते हैं। शिकायत वापस ले लो, वरना अंजाम भुगतना पड़ेगा। तेरी अंतड़ियां सड़क पर पड़ी मिलेंगी।’

सीएसपी ने कहा- जांच के आधार पर कार्रवाई होगी

सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। शिकायत फरवरी 2024 की घटना से जुड़ी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आशीष पर SAF जवानों से भी गाली-गलौज का आरोप

आशीष चतुर्वेदी पर दो दिन पहले SAF जवानों से भी गाली-गलौज और जिंदा जलाने की धमकी देने का आरोप सामने आया था। कई SAF जवानों की शिकायत पर पुलिस ने आशीष के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ SAF जवान ने भी धमकाने के आरोप लगाए थे।
आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ SAF जवान ने भी धमकाने के आरोप लगाए थे।

आशीष के सुरक्षाकर्मी लगा चुके अभद्रता का आरोप

आशीष चतुर्वेदी को साल 2014 में राज्य सुरक्षा समिति की अनुशंसा पर सुरक्षा दी गई थी। आशीष की सुरक्षा 10 साल की है, लेकिन इसको लेकर कई बार सवाल उठे हैं। आशीष ने खुद ही सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कई बार शिकायत दर्ज कराई है। इस बीच आशीष की सुरक्षा में पहले तैनात रहे देवेंद्र सिंह ने हाल ही में सुसाइड कर लिया था। देवेंद्र के बेटे और बेटी ने गिरवाई थाने में आशीष की शिकायत भी की थी। वहीं, 21 सुरक्षाकर्मियों ने उन पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए खुद को ड्यूटी से हटाने का आवेदन रक्षित निरीक्षक को दिया था। इसके बाद सुरक्षाकर्मी बदले गए थे।

ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा जवान अपमानित हुए

न्यू आवासीय परिसर 13 बटालियन निवासी रामू सिंह कुशवाह पुत्र फूल सिंह कुशवाह मूल रूप से भिंड के रहने वाले और एसएएफ में पदस्थ हैं। साल 2022 में उनकी ड्यूटी आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी की सुरक्षा में लगाई गई थी। रामू कुशवाह ने उनकी शिकायत की थी इसमें बताया है कि वे और उनके साथी चार से पांच महीने सुरक्षा में तैनात रहे। इस दौरान आरटीआई कार्यकर्ता उनसे घरेलू काम कराता था और न करने पर अपमानित करता था। जिससे वे प्रताड़ित रहे और उनकी सामाजिक छवि धूमिल हुई है।इस मामले को लेकर दो दिन पहले ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *