भूकंप आने पर गुरुग्राम में मचेगी तबाही, अतिसंवेदनशील जोन में हैं कई इलाके ?
थाईलैंड और म्यांमार जैसा भूकंप आने पर गुरुग्राम में मचेगी तबाही, अतिसंवेदनशील जोन में हैं कई इलाके
थाईलैंड और म्यांमार में आए भूकंप ने गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि गुरुग्राम अतिसंवेदनशील जोन चार में आता है और यहां की इमारतें भूकंपरोधी नहीं हैं। ऐसे में तत्काल प्रभाव से सभी इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाना चाहिए। भूकंप के हिसाब से गुरुग्राम व आसपास के इलाके अतिसंवेदनशील जोन चार में आते हैं।

- थाईलैंड में ऊंची इमारतों के गिरने से आईटी सेक्टर में चिंता
- विभिन्न सेक्टरों में किए गए अवैध निर्माण भूकंपरोधी नहीं हैं
- भूकंप के हिसाब से गुरुग्राम अतिसंवेदनशील जोन चार में है
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गुरुग्राम में लगभग 200 घर तबाह हुए थे। तब अधिकतर कच्चे मकान के थे। काफी लोग भी हताहत हुए थे। अब काफी इमारतें तीन से चार मंजिला हैं। इसे देखते हुए हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के आपदा प्रबंधन संस्थान ने पांच साल पहले सभी इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट खासकर बिना नक्शा पास कराए बनाई गई इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का सुझाव जिला प्रशासन को दिया था।

यह भी सुझाव दिया था कि सात तीव्रता से अधिक का भूकंप आने के बाद सेक्टरों में बनी बहुमंजिला इमारतें टीक पाएंगी या नहीं, इसके लिए भी स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए। दोनों में किसी भी विषय पर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।
मैंने ही हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान में आपदा प्रबंधन विभाग का अध्यक्ष रहते प्रशासन को सुझाव दिया था कि भूकंप के हिसाब से सभी इमारतों का स्ट्रक्चरल आडिट कराया जाए। इसके ऊपर अब तक ध्यान नहीं दिया गया है। थाईलैंड व म्यांमार की तबाही से सबक लेना चाहिए अन्यथा यदि सात तीव्रता का भूकंप आया फिर ऐसी तबाही मचेगी, जिसकी कल्पना नहीं कर सकते। गुरुग्राम अतिसंवेदनशील जोन चार में आता है। क्या स्ट्रक्चरल आडिट पर ध्यान तबाही मचने के बाद दिया जाएगा।
– डॉ. अभय श्रीवास्तव, पूर्व विभागाध्यक्ष, आपदा विभाग, हिपा
साइबर सिटी में छह हजार से अधिक आईटी, आईटी इनेबल्ड एवं टेलीकाम सेक्टर की कंपनियां हैं। अधिकतर ऊंची इमारतों में संचालत हो रही हैं। मेरी कंपनी स्पेज टावर में हैं। वह भी 14 मंजिल की है। बैंकाक की घटना ने हिलाकर रख दिया है। सभी इमारतों का स्ट्रक्चरल आडिट तत्काल प्रभाव से शुरू कर देना चाहिए। वैसे भी साइबर सिटी अतिसंवेदनशील जोन चार में है। शनिवार को दिन भर कंपनियों में भूकंप को लेकर नहीं बल्कि भूकंप की वजह से गगनचुंबी इमारत के गिरने की चर्चा चलती रही।
— प्रदीप यादव, प्रेसिडेंट, हाइटेक इंडिया (आईटी एवं टेलीकाम सेक्टर की कंपनियों का संगठन)