ग्वालियर : 2 साल में 30% महिला अपराध कम, छेड़छाड़-बलात्कार के केस 37% तक घटे
महिला अपराधों के लिए बदनाम ग्वालियर की तस्वीर बदल रही है। बड़ी वजह है-पुलिस में महिलाओं की मजबूत भूमिका। पहली बार जिले में 3 एडिशनल एसपी, 3 डीएसपी और 25 थानों की कमान महिलाओं के हाथों में है। कुल 400 महिला पुलिसकर्मी ‘लाड़ली’ की सुरक्षा में तैनात हैं।
इसी का असर है कि महिला अपराधों में कमी आ रही है। साल 2023 में महिलाओं के खिलाफ हत्या, छेड़छाड़, दहेज हत्या, दुष्कर्म जैसे 14 तरह के कुल 1445 अपराध दर्ज हुए थे। 2025 में यह घटकर 1016 रह गई। यानी 2 साल में करीब 30% की कमी आई है। छेड़छाड़ के मामलों में 50%, बलात्कार में 36.8%, दहेज हत्या में 29.2% की गिरावट दर्ज की गई है।

इन मामलों से समझिए पुलिस की सख्ती
बस कंडेक्टर ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। एएसपी सुमन गुर्जर ने टीम भेजकर आरोपी को गिरफ्तार करवाया। कॉलेज जा रही छात्रा को ऑटो सवार युवकों ने अपहरण की कोशिश की थी। पुलिस ने 24 घंटे में इन्हें पकड़ लिया। चंद्रवदनी नाका में नाबालिग से छेड़छाड़ की थी। पुलिस ने तुरंत तीनों आरोपी पकड़ लिए।
- अपराध में कमी की वजह: महिला अफसरों द्वारा महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई करना। जिले में मैं हूं अभिमन्यु, स्टूडेंट्स इंटर्नशिप, मुस्कान जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं।
- दहेज हत्या में कमी न आने की वजह: कई महिलाएं अपनी पीड़ा किसी से कह नहीं पातीं। उसका परिणाम दहेज हत्या के रूप में सामने आता है। पुलिस दोस्त बनकर उनकी पीड़ा समझने का अभियान चला रही है।
जागरूकता और सख्ती से कम हुए अपराध
जिले में तैनात महिला अफसरों की बदौलत अपराध में कमी आ रही है। समाज में बढ़ती जागरूकता और पुलिस की तत्पर कार्रवाई से अपराध घटे हैं। महिला सुरक्षा सप्ताह जैसे अभियानों से लोगों की सोच में बदलाव आया है। सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों से आरोपी जल्दी पकड़े जा रहे हैं। -शिखा सोनी, डीएसपी ग्वालियर

