मध्य प्रदेश

आबकारी आयुक्त ने सस्पेंड किए सोम डिस्टलरीज की दो कंपनियों के लाइसेंस!

नकली और अवैध शराब के परिवहन पर बड़ी कार्रवाई
आबकारी आयुक्त ने सस्पेंड किए सोम डिस्टलरीज की दो कंपनियों के लाइसेंस

सोम डिस्टिलरीज सेहतगंज रायसेन। फाइल फोटो जिस समय यहां छापा पड़ा था

रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड और मेसर्स सोम डिस्टिलरीज प्रा. लि. का लाइसेंस आबकारी आयुक्त ने सस्पेंड कर दिया है। सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड रोजराचक जिला रायसेन में और मेसर्स सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड सेहतगंज जिला रायसेन में संचालित है।

आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अपर सत्र न्यायालय, देपालपुर जिला इंदौर के प्रकरण 21/2021 में पारित निर्णय के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा संबंधित आपराधिक अपीलों (CRA) में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है, लेकिन दोषसिद्धि अभी भी प्रभावी है।

इस मामले में आबकारी आयुक्त ने महाधिवक्ता कार्यालय से विधिक अभिमत लेने के बाद यह कार्यवाही की है।आदेश में आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 31 के तहत लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई कानून सम्मत है और इससे न्यायालय की अवमानना का कोई प्रश्न नहीं बनता।

आदेश में कहा गया है कि नकली शराब परिवहन परमिट और अवैध शराब का परिवहन करने के मामले में कंपनी के उमाशंकर शर्मा, जीडी अरोरा, दिनकर सिंह और मोहन सिंह तोमर, दीनानाथ सिंह के विरुद्ध कोर्ट द्वारा कारावास और अर्थदंड तय किया गया है। आरोपी मदन सिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, वीरेंद्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड़ द्वारा 279, संजय गोहे द्वारा 282, कैलाश बंगाली द्वारा 29, मोहन सिंह तोमर ने 676, उमाशंकर ने 75, दिनकर सिंह द्वारा 65 फर्जी परमिट तैयार करने के बाद रोजराचक से दीव के लिए परिवहन किया गया।

आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश।
आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश।

इस मामले में कोर्ट के आदेश के आधार पर आबकारी उपनिरीक्षक प्रीति गायकवाड़ को पद से बर्खास्त किया गया है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी मदन सिंह पंवार, जिला आबकारी अधिकारी कैलाश चंद्र बंगाली, आबकारी उपनिरीक्षक राम प्रसाद मिश्रा रिटायर हो गए हैं जिनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा रही है। आदेश में बताया गया है कि धारा 31(1)(क), 31(1)(ग), 31(1)(घ) तथा धारा 44 के प्रावधानों के अंतर्गत संबंधित इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

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