मुरादाबाद में एक साथ दो बदमाश एनकाउंटर में मारे गए !
मुरादाबाद में पुलिस और मेरठ STF यूनिट ने दो बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया है। इनके नाम आसिफ उर्फ टिड्डा और दीनू हैं। टिड्डा ने हरियाणा में 40 लाख की डकैती डाली, जिसमें उसे सजा भी हो चुकी थी। लेकिन वह फरार चल रहा था।
उसने मुरादाबाद के एक कारोबारी से एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी। उस पर हत्या-लूट और डकैती जैसे 65 मुकदमे दर्ज थे। वह एक लाख का इनामी था, जबकि डकैत दीनू पर 50 हजार का इनाम था। उस पर 35 मुकदमे थे।
मुठभेड़ के दौरान SSP सतपाल अंतिल और मेरठ STF यूनिट के ASP की जैकेट में गोली लगी और धंस गई। दोनों अधिकारी बाल-बाल बचे।
बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने कार, कार्बाइन 30 बोर, तीन पिस्टल 32 बोर, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस 30 बोर और 32 बोर बरामद किए हैं। ये मुठभेड़ सोमवार देर शाम भोजपुर थाना क्षेत्र में गोट रेलवे स्टेशन के पास हुई है।
गोली लगने के बाद आसिफ टिड्डा और दीनू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया है। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आसिफ टिड्डा और दीनू दोनों मेरठ के रहने वाले थे।
बीते 24 घंटे में यूपी में तीन बदमाश एनकाउंटर में मारे गए हैं। रविवार देर रात हापुड़ में पुलिस ने गो-तस्कर हसीन को एनकाउंटर में मार गिराया था। हसीन पर 50 हजार का इनाम था। प्रदेश में 38 दिनों में 13 बदमाश एनकाउंटर में ढेर हो चुके हैं।
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अब पढ़िए पूरा मामला बिना नंबर प्लेट की कार में सवार थे बदमाश
मुरादाबाद जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में गोट गांव के जंगल में दो बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। बदमाश बिना नंबर प्लेट की कार में सवार थे। मुरादाबाद के SSP और यूपी एसटीएफ की मेरठ यूनिट संयुक्त रूप से इन बदमाशों का पीछा कर रही थी। बदमाशों ने खुद को पुलिस से घिरा देख काबाईन और मॉडर्न हथियारों से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
SSP के जैकेट में धंसी काबाईन की बुलेट
मुठभेड़ को मुरादाबाद के SSP सतपाल अंतिल लीड कर रहे थे। इस एनकाउंटर में SSP सतपाल अंतिल बाल-बाल बचे हैं। बदमाशों की फायरिंग में एक गोली उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट में सीने के पास लगी। गनीमत रही कि गोली बुलेट प्रूफ जैकेट में धंसकर रुक गई। मेरठ एसटीएफ यूनिट के एएसपी की जैकेट में भी बदमाशों की बुलेट धंसी। वह भी बाल-बाल बचे।
डॉक्टर्स ने बचाने की भरसक कोशिश की, घंटाभर बाद दम तोड़ा
मुठभेड़ में 2 बदमाशों को गोली लगने के बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। गंभीर रूप से घायल दोनों बदमाशों को तुरंत जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टर्स ने करीब एक घंटे तक दोनों को बचाने के लिए जद्दोजहद की। लेकिन इन्हे बचाया नहीं जा सका। करीब एक घंटे बाद दोनों बदमाशों की पल्स थम गई। इसके बाद दोनों शवों को मुरादाबाद जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया है। यहां सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

SSP सतपाल अंतिल ने कहा- एक लाख का इनामी बदमाश आसिफ उर्फ टिड्डा और 50 हजार का इनामी उसका साथी बदमाश दीनू उर्फ इलियास सोमवार को मुरादाबाद में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। मुरादाबाद पुलिस और एसटीएफ की मेरठ यूनिट पहले से इन बदमाशों को सर्विलांस कर रही थी। इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर पुलिस को पता चला कि दोनों बदमाशों की लोकेशन मुरादाबाद में है और इनके पास मॉडर्न हथियार हैं।
भोजपुर थाना एरिया में गोट के जंगल में इन बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हुई। बिना नंबर की कार में सवार आसिफ और टिड्डा ने काबाईन और पिस्टल से पुलिस पर गोलियां बरसा दीं। पुलिस ने दोनों से सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन बदमाशों ने फायरिंग बंद नहीं की।
इस बीच एक गोली मेरी बुलेटप्रूफ जैकेट में आकर धंस गई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आसिफ और उसके साथी दीनू उर्फ इलियास पुलिस की गोली लगने से जख्मी हो गए। इसी फायरिंग के बीच एक गोली एएसपी एसटीएफ की जैकेट में भी लगी। घायल बदमाशों को तुरंत जिला अस्पताल लाया गया। जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अब दोनों की क्राइम कुंडली जानिए…
आसिफ टिड्डा: शादी से दो दिन पहले दूल्हे की हत्या की थी
- मेरठ के रसीद नगर में रहने वाला आसिफ उर्फ टिड्डा, मूल रूप से ग्राम कलछीना थाना भोजपुर (गाजियाबाद) का निवासी था। पिता की मौत के बाद वह परिवार समेत मेरठ शिफ्ट हुआ।
- महज आठवीं तक पढ़ाई की है। कम उम्र में ही अपराध की राह अपना ली और अपना गैंग खड़ा कर लिया।
- मेरठ, मुज़फ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में 65 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
- 2013 में मेरठ में थाना ब्रहमपुरी पुलिस ने उसे हिस्ट्रीशीटर 74-A घोषित किया था।
- आसिफ उर्फ टिड्डा ने 2020 में मुज़फ्फरनगर में शादी से दो दिन पहले अब्दुल बहाव का अपहरण कर हत्या की थी।
- 2022 में अलीगढ़ की प्रतिभा कॉलोनी में सरिता गुप्ता और उनके परिवार को बंधक बनाकर 10 लाख की डकैती की थी।
- 2013 में पानीपत में 40 लाख की डकैती की थी।
- 2014 में पिलखुवा (हापुड़) में 10 लाख नकद, सोना-चांदी और लाइसेंसी रिवॉल्वर लूटा था।
- 2025 मुरादाबाद के व्यापारी हाजी जफर से 1 करोड़ की रंगदारी मांगी थी।

दीनू: पश्चिमी यूपी में वारदात करता था
- दीनू पुत्र चन्नू उर्फ इलियास मेरठ में थाना सरूरपुर के खिवाई गांव का रहने वाला था। उसकी हिस्ट्रीशीटर नंबर 298A/2009 है।
- उस पर लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के 25 मुकदमे दर्ज हैं।
- दीनू पर भी रतनपुरी (मुजफ्फरनगर) की सनसनीखेज 2020 की हत्या–अपहरण-डकैती केस सहित कई गंभीर मामलों में कार्रवाई चल रही थी, जिसके चलते उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार दोनों अपराधी लम्बे समय से फरार चल रहे थे और पश्चिमी यूपी व NCR में लगातार वारदातें कर रहे थे। मुठभेड़ के बाद इनके गैंग की गतिविधियों पर बड़ा असर माना जा रहा है।

अब गो-तस्कर हसीन के एनकाउंटर को जानिए…
रविवार देर रात हापुड़ में पुलिस ने गो-तस्कर हसीन को एनकाउंटर में मार गिराया। हसीन पर 50 हजार का इनाम था। डॉयल 112 पर पुलिस को सूचना मिली कि गो-तस्कर पशुओं को गाड़ी में भरकर ले जाने की फिराक में हैं।
कॉल आते ही पुलिस एक्टिव हो गई। पुलिस ने कपूरपुर के सपनावत गांव में कार सवार तस्कर की घेराबंदी कर ली। पुलिस को देखते ही हसीन ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से 8 राउंड फायरिंग हुई।
एनकाउंटर के दौरान एक गोली हसीन के सिर में लग गई। वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय ने बताया कि उसे पहले धौलाना सीएचसी ले जाया गया। वहां से हायर सेंटर रेफर किया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
29 साल का हसीन पुत्र इकरार संभल के असमोली थाने के मैनोटा गांव का रहने वाला था। संभल और आसपास के जिलों में उस पर 24 से ज्यादा मुकदमे थे। हसीन के पास से स्विफ्ट डिजायर कार, अवैध तमंचा, कारतूस बरामद किया गया।
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3 दिन पहले पुलिस पर की थी फायरिंग
पुलिस ने बताया कि हसीन ने 3 दिन पहले मुजफ्फरनगर के शाहपुर में पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। तब से पश्विम यूपी में उसकी तलाश तेज हो गई थी। वहीं, हापुड़ का कपूरपुर थाना भी भी 5 महीने पहले गोकशी की थी। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन तब से यह फरार चल रहा था।

संभल का रहने वाला था गोतस्कर
हापुड़ पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए संभल के रहने वाले 50 हजार के इनामी बदमाश हसीन के पिता इकरार ने उसकी मां सुखिया की मृत्यु के बाद दूसरी शादी की थी। हसीन सगे पांच भाई-बहन हैं और वह सबसे बड़ा है। उसका छोटा भाई मौ. हसीब तीन-चार महीने से गाजियाबाद की डसना जेल में बंद है। हसीन का एनकाउंटर करने वाली पुलिस ने हसीब को गोकशी के ही मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
हसीन की पत्नी का नाम शमीना है और उनके पांच बच्चे हैं—आलिया (13), जिलानी (9), आएरा (7), माहेनूर (5) और अलिफ़शा (2)। छोटे भाई हसीब की पत्नी का नाम रेहाना है और उनके चार बच्चे हैं—अर्श (8), अजमल (6), अहरम (4) और फिजा (3)। हसीन की तीन बहनें महताब, शहदाब और रुखसार हैं, जिनकी सभी की शादी हो चुकी है।
हसीन की बहन ने बताया-

वह जुमे की रात को कलियर शरीफ से घर आया था। सुबह चाय पीकर घर से निकला और थोड़ी देर में लौटकर रोटी खाने की बात कहकर चला गया, फिर नहीं लौटा। आज सुबह एनकाउंटर की सूचना मिली।

पिता की दूसरी पत्नी और उसके बच्चे
इकरार ने 19 साल पहले दूसरी शादी की थी। उनकी पत्नी फरजाना हैं और उनके चार बच्चे हैं– सना (17), मौ. जैद (16), मौ. सुहैब (13) और अलीना (11)। हसीन के छोटे भाई गौहर ने बताया कि थाना असमोली के मनौटा चौकी प्रभारी राज सिंह का फोन आया था। उन्होंने जानकारी दी कि हापुड़ पुलिस से मुठभेड़ में हसीन मारा गया है। उन्होंने कहा कि हसीन की पत्नी, मां और अन्य परिजन हापुड़ पुलिस से संपर्क करें।
2017-25 तक 238 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया
राज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से जुलाई 2025 तक यूपी पुलिस ने 238 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है। इस दौरान 14,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 30,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 9,000 से अधिक को गोली मारी गई।


