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बिहार में कौन होगा सीएम?

 बिहार में बीजेपी-चिराग का रिकॉर्ड प्रदर्शन, बिना नीतीश NDA 122 पार

बिहार में नीतीश कुमार के बिना भी एनडीए सरकार बनाते हुए दिख रही है. बीजेपी को 95, चिराग को 21, रालोमा को 4 और जीतन राम मांझी की पार्टी को 5 सीटों पर बढ़त हासिल है. सरकार बनाने के लिए बिहार में 122 विधायकों की जरूरत होती है. दूसरी तरफ चाहकर भी नीतीश विपक्ष के साथ जाकर सरकार नहीं बना पाएंगे.

Bihar Elections Result: बिहार में बीजेपी-चिराग का रिकॉर्ड प्रदर्शन, बिना नीतीश NDA 122 पार

बिहार में कौन होगा सीएम?

बिहार चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी और चिराग पासवान के प्रदर्शन ने सबको चौंका दिया है. 101 सीटों पर चुनाव लड़कर बीजेपी 95 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. वहीं 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाली चिराग पासवान की लोजपा (आर) को 21 सीटों पर बढ़त हासिल है. 4 सीटों पर उपेंद्र कुशवाहा की रालोमा और 5 सीटों पर जीतन राम मांझी की हम जीतती हुई दिखाई दे रही है.

अगर कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार में बिना नीतीश कुमार के ही इन चारों पार्टियों ने 122 के आंकड़े को पार कर लिया है. चारों पार्टियों को करीब 125 सीटों पर जीत मिलती दिख रही है. बिहार में सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों की जरूरत होती है.

नीतीश आधिकारिक उम्मीदवार नहींबिहार में इस बार एनडीए ने नीतीश कुमार को आधिकारिक तौर पर सीएम फेस घोषित नहीं किया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के मुताबिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया से मुख्यमंत्री का चयन होगा. बिहार में बीजेपी सिंगल लार्जेस्ट (सबसे बड़ी पार्टी) बनकर उभरी है. नियम के मुताबिक सरकार बनाने के लिए राज्यपाल सबसे पहले सिंगल लार्जेस्ट पार्टी को ही इन्वाइट करते हैं.

इधर, नतीजों के बीच नीतीश कुमार के आवास पर हलचल तेज हो गई है. जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और मंत्री अशोक चौधरी नीतीश के आवास पर पहुंचे हैं. संजय झा ही बीजेपी के साथ पूरे मामले को कॉर्डिनेट कर रहे हैं.

आरजेडी और कांग्रेस बैकफुट परआरजेडी और कांग्रेस इस बार बैकफुट है. बिहार चुनाव में महागठबंधन के 6 दलों को 30 सीटों पर ही बढ़त मिलती दिख रही है. इन दलों के साथ आकर भी इस बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे. 2020 के चुनाव के बाद नीतीश ने 2022 में आरजेडी के साथ आकर पाला बदल लिया था

2025 चुनाव के आंकड़े ने नीतीश को विपक्ष के साथ जाकर सरकार बना लेने का ऑप्शन बंद कर दिया है. यानी अब विपक्ष के साथ जाकर नीतीश कुमार किसी भी कीमत पर सरकार नहीं बना पाएंगे.

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