फेस अटेंडेंस सिस्टम में बड़ा अंतर:प्रदेश के निगमों में 1.50 लाख कर्मचारी, सिर्फ 1.14 लाख लोगों ने लगाई हाजिरी; भोपाल में 7 हजार लापता

प्रदेश भर की नगर निगम में जब से फेस अटेंडेंस शुरू हुई है, तब से लगातार कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या को लेकर नए-नए सवाल उठ रहे हैं। एनआईसी के अटेंडेंस पोर्टल (एमपी अर्बन) में कुल 1.53 लाख कर्मचारी और अधिकारी रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 1.50 लाख को एक्टिव माना गया है।
इसके बाद भी 12 नवंबर को सिर्फ 1.14 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों ने अटेंडेंस लगाई। यानी करीब 36 हजार कर्मचारियों ने फेस से अटेंडेंस नहीं लगाई। भोपाल नगर निगम की बात की जाए तो 20 हजार में से सिर्फ 13 हजार ने ही अटेंडेंस लगाई।
भोपाल में अब तक अधिकतम 14383 ने अटेंडेंस 30 अक्टूबर को लगाई गई थीं। यानी करीब 6 हजार कर्मचारी और अधिकारी फेस से अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं।
भोपाल में 20 हजार में से 13 हजार ने और इंदौर में 26 हजार में से 14 हजार ने लगाई अटेंडेंस

भोपाल निगम का दावा-16 हजार कर्मचारी
भोपाल नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि उनके यहां कुल 16 हजार कर्मचारी और अधिकारी हैं। इनमें से अब तक 14383 कर्मचारी और अधिकारी ने अटेंडेंस लगाई है। हालांकि बड़ी संख्या में अधिकारी भी फेस से अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मैपिंग ज्यादा कर्मचारियों और अधिकारियों की हो गई है। इस कारण अटेंडेंस प्रतिशत कम दिखा रहा है।
कहां-क्या स्थिति : प्रदेश भर में 16 नगर निगम हैं। सबसे कम अटेंडेंस रीवा नगर निगम में लगाई जा रही है। यहां पर 1274 कर्मचारी वअधिकारी रजिस्टर्ड हैं, सिर्फ 426 ने ही फेस से अटेंडेंस लगाई। सबसे ज्यादा सागर व रतलाम नगर निगम में 86-86% अटेंडेंस लगाई जा रही है।
16 अक्टूबर से शुरू हुई फेस से अटेंडेंस: नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद भोपाल नगर निगम कमिश्नर ने 16 अक्टूबर से फेस से अटेंडेंस लगाने के निर्देश जारी किए थे। इस आदेश में सभी नगर निगम में 100% फेस से अटेंडेंस लगाना अनिवार्य कर दिया।
जिम्मेदार बात नहीं कर रहे: इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। नगरीय विकास एंव आवास कमिश्नर संकेत एस भोंडवे से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्हें कॉल करने के साथ ही वॉटसएप पर मैसेज भी किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
आधार नंबर के आखिरी की 8 डिजिट देना होता है
कर्मचारियों की अटेंडेंस एनआईसी के अटेंडेंस पोर्टल के माध्यम से लगाई जाती है। इसमें कर्मचारी को आधार नंबर के अंतिम 8 नंबर देना होता है। नंबर देने के बाद आधार पोर्टल उसे सत्यापित करता है। उसके बाद कर्मचारी और अधिकारी को मोबाइल के कैमरे को ऑन करना होता है।
पलक झपकाने पर फोटो खिच जाती है और अटेंडेंस लग जाती है। पोर्टल में कर्मचारी और अधिकारी की जानकारी के नाम पर सिर्फ आधार नंबर के अंतिम 8 डिजिट और फोटो होती है। इसके अलावा कोई जानकारी नहीं होती है।

