ग्वालियर : निगम का सरकारी दफ्तरों पर 203 करोड़ बकाया पुलिस से लेकर शिक्षा और रेलवे से होना है वसूली
निगम का सरकारी दफ्तरों पर 203 करोड़ बकाया पुलिस से लेकर शिक्षा और रेलवे से होना है वसूली
नगर निगम संपत्तिकर की वसूली के मामले में बीते वर्ष से काफी पीछे है। कारण, निगम के संपत्तिकर विभाग के जिम्मेदार केंद्र और राज्य सरकार के दफ्तरों पर बकाया 203 करोड़ रुपए से ज्यादा का सेवाकर नहीं वसूल पा रहे है। इस कारण पुलिस से लेकर उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा, रेलवे, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग आदि पर करोड़ों रुपए का सेवा कर बकाया है।
नगरीय सीमा में स्थित निजी संपत्तियों से निगम संपत्तिकर जबकि शासकीय कार्यालयों से सेवाकर लेता है। साल 2025-26 में राशि 203 करोड रुपए पहुंच गई है। निगमायुक्त संघ प्रिय का कहना है कि निगम का सेवा कर जिन-जिन विभागों पर बकाया है उनसे समन्वय किया जा रहा है। विशेष अभियान के तहत इन विभाग प्रमुखों से व्यक्तिगत संपर्क कर वसूली की जाएगी।

केंद्र और राज्य सरकार ये विभाग हैं, जिन्हें देना है बकाया राशि
- पुलिस विभाग: होमगार्ड कार्यालय, डीआरपी लाइन, थाना गोले का मंदिर, माधौगंज, कंपू, सिरोल सहित एसएएफ की अलग-अलग बटालियन।
- उच्च शिक्षा विभाग: जीवाजी यूनिवर्सिटी, म्यूजिक यूनिवर्सिटी, कृषि विवि, आईआईटीटीएम सहित शासकीय कॉलेज, पॉलीटेक्निक और आईटीआई संस्थान आदि।।
- स्वास्थ्य विभाग:जीआरएमसी और जेएएच के प्रमुख संस्थान, सिविल अस्पताल हजीरा, मुरार प्रसूति गृह आदि।
- लोक निर्माण विभाग: गेस्ट हाउस, कार्यालय सहायक यंत्री, मुख्य अभियंता, संभागायुक्त कार्यालय।
- केंद्रीय कार्यालय/ संस्थान: बीएसएनएल उप केंद्र, उप डाकपाल कार्यालय, महालेखाकार कार्यालय, केंद्रीय गुप्तचर ब्यूरो, आकाशवाणी, नारकोटिक्स, डीआरडीओ, गेल आदि।
- राज्य शासन: सेंट्रल जेल, लेदर फैक्ट्री, एमपी स्टेट एग्रो, मछली पालन केंद्र, जिला पंचायत कार्यालय, व्यापार मेला प्राधिकरण, जिला पंजीयन कार्यालय, कलेक्ट्रेट, संभागायुक्त कार्यालय, पिछड़ा वर्ग छात्रावास, राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र आदि।
- स्कूल शिक्षा विभाग: बालक उमा विद्यालय थाटीपुर, हरिदर्शन स्कूल, स्कूल खड़ीखेड़ा, गजराराजा, गोरखी स्कूल, पदमा विद्यालय, टकसाल स्कूल, सीएम राइज सहित अन्य।

