हाई कोर्ट ने SSP को बुलाया तो 15 मिनट में पकड़ा वारंटी !
वारंटी को पकड़ने में नाकाम थी पुलिस, हाई कोर्ट ने SSP को बुलाया तो 15 मिनट में पकड़ा
लंबे समय से फरार चल रहे वारंटी को न पकड़ना डबरा थाना पुलिस को भारी पड़ गया। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच से लगातार वारंट जारी हो रहे थे। हर बार पुलिस की ओर से जवाब गया कि वह नहीं मिल रहा। जो पता है, वह उस पर उपलब्ध नहीं है। लेकिन हाई कोर्ट की सख्ती के बाद वारंटी को पुलिस ने 15 मिनट में पकड़ लिया।
- डबरा थाना पुलिस को भारी पड़ी लापरवाही
- हाई कोर्ट का टीआइ को निलंबित करने का निर्देश
- वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एएसआइ को निलंबित किया
ग्वालियर: लंबे समय से फरार चल रहे वारंटी को न पकड़ना डबरा थाना पुलिस को भारी पड़ गया। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच से लगातार वारंट जारी हो रहे थे। हर बार पुलिस की ओर से जवाब गया कि वह नहीं मिल रहा। जो पता है, वह उस पर उपलब्ध नहीं है।
‘अपने एसएसपी को बुलाकर लाओ’
हाई कोर्ट ने पुलिस की इस उदासीनता पर सख्ती बरती और एएसआइ गोवर्धन सिंह से कहा कि अपने एसएसपी को बुलाकर लाओ। इसके बाद तो करीब 15 मिनट में ही वारंटी को पकड़कर पुलिस डबरा थाने पहुंच गई। हाई कोर्ट ने टीआइ को निलंबित करने के निर्देश दिए, टीआइ धर्मेंद्र यादव कुछ दिन पहले ही थाने पहुंचे हैं।
वारंटी का नाम देवी सिंह है। सिविल केस में उसका वारंट कोर्ट से जारी हुआ था। कई बार वारंट जारी होने के बाद भी डबरा सिटी पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। हाई कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस अधिकारियों को बुलाया गया तो वारंटी देवी सिंह तुरंत पकड़ी गई। वारंटी न पकड़ने को लेकर जवाब भी एएसआइ गोवर्धन सिंह ने ही अपने स्तर पर तैयार कर लिया था।
एएसआइ को निलंबित किया
एएसआइ ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कोई सूचना भी नहीं दी। इसके चलते एएसआइ गोवर्धन सिंह को एसएसपी धर्मवीर सिंह ने निलंबित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने इसे उसकी लापरवाही मानते हुए निलंबित किया। पहली बार ऐसा हुआ है, जब इस तरह की लापरवाही पर तुरंत किसी पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया हो।

