150Km की स्पीड में ट्रॉली में घुसी फॉर्च्यूनर…5 की मौत !
प्रिंस की शादी की तैयारी भी चल रही थी। उसके लगातार रिश्ते आ रहे थे। अगले साल उसकी शादी होनी थी, लेकिन पिता का उसे घोड़ी पर बैठाने का सपना उसकी मौत के साथ ही टूट गया। प्रिंस की मौत की खबर के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
रेत भरी ट्रॉली से टक्कर, फॉर्च्यूनर के परखच्चे उड़े
बता दें, ग्वालियर में रविवार सुबह हुए हादसे के दौरान फॉर्च्यूनर करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। इसी वजह से वह रेत से भरी ट्रॉली से इतनी जोरदार टकराई कि आगे की बॉडी के परखच्चे उड़ गए। पूरा इंजन चकनाचूर हो गया।
स्टीयरिंग टूट गई, स्पीड मीटर उड़ गया और एयरबैग भी फट गया। स्पीडो मीटर में अंतिम स्पीड 151 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज हुई थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इतनी तेज रफ्तार में गाड़ी को कंट्रोल करना बेहद मुश्किल होता है।

पिता को बिना बताए लेकर निकला था कार
हादसे में मृतक प्रिंस के पिता उमेश राजावत शहर के बड़े कारोबारी हैं। उनका शनिचरा के पास तेल मिल कारखाना है। रात आठ बजे वह इसी फॉर्च्यूनर से शनिचरा से घर लौटे थे।
उसके बाद प्रिंस अपने दोस्तों के साथ जाने के लिए इसी से निकल गया। उसने किसी को कुछ बताया भी नहीं था। प्रिंस सभी का लाड़ला था। राजावत परिवार के पास लग्जरी गाड़ियों का काफिला है, इसलिए इससे किसी को कोई परेशानी भी नहीं थी।

रातभर इधर-उधर घूमते रहे, सुबह हुआ हादसा
प्रिंस की आखिरी बार विकास शर्मा से बात हुई, जो रात के 10 बजे उसके साथ ही था। विकास ने बताया कि 10 बजे वह और बाकी दोस्त दीनदयाल नगर में सिंधिया स्टैच्यू के पास उतर गए थे और दूसरे दोस्त फॉर्च्यूनर में सवार हो गए थे। हमारे बाद, जो सवार हुए, वह साल दो साल में एक बार ही मिलते थे।
विकास ने बताया कि रातभर वह लोग कहां गए, कहां घूमे, इसकी जानकारी नहीं हैं। सुबह 4 बजे जौरासी मंदिर के सामने जो, चाय-नाश्ते की दुकानें लगती हैं, वहां सभी लोग चाय पीने गए थे। इससे पहले भी कई बार जौरासी मंदिर पर सुबह-सुबह चाय-नाश्ते के लिए जा चुके हैं।

दोस्त के बर्थडे के लिए गुरुग्राम से आया था शिवम
पता चला है कि शनिवार को किसी दोस्त का बर्थडे सेलिब्रेट करने के लिए यह सभी दोस्त निकले थे। पूरी रात इन लोगों ने जश्न मनाया। रविवार सुबह जब नाश्ते की तलब लगी तो जौरासी घाटी स्थित हनुमान मंदिर के सामने नाश्ता करने पहुंच गए।
यहां से लौटते समय मालवा कॉलेज के सामने फॉर्च्यूनर हादसे का शिकार हो गई। इसमें आदित्यपुरम निवासी शिवम राजपुरोहित की भी मौत हुई है। शिवम के बारे में पता लगा है कि वह गुरुग्राम से इंजीनियरिंग कर रहा था।
पिता का सपना था कि वह एक सफल इंजीनियर बने। शिवम हाल ही में एक दोस्त के बर्थडे के लिए गुरुग्राम से ग्वालियर आया था। रास्ते में प्रिंस, आदित्य, अभिमन्यु और कौशल मिल गए। इनके साथ रात को जश्न मनाने निकल पड़ा और हादसे में अपनी जान गवां दी। शिवम के पिता राकेश नारायण भागवताचार्य हैं।

हादसे के समय कौशल चला रहा था फॉर्च्यूनर
घटना के समय गाड़ी की स्पीड और चालक को लेकर कई बातें सामने आई हैं। घटना के बाद जब पुलिस स्पॉट पर पहुंची तो चालक की सीट पर जो व्यक्ति फंसा मिला, उसकी पहचान कौशल भदौरिया के रूप में हुई है। इससे साफ है कि घटना के समय गाड़ी कौशल चला रहा था।
मृतकों के दोस्तों से पता लगा है कि कौशल को स्पीड में गाड़ी दौड़ने का शौक था। वह जब भी गाड़ी चलाता था तो स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटे से कम नहीं होती थी। सभी पांच दोस्त, जिनकी मौत हुई है, उनमें कौशल अकेला था, जिसकी शादी हो चुकी है। कौशल की तीन साल पहले शादी हुई थी। पत्नी का नाम निशी है। उसकी डेढ़ साल की बेटी भी है। दो महीने पहले कौशल के पिता को कैंसर हुआ है।
घर से बिना बताए निकला था अभिमन्यु
रविवार को हुए हादसे में 21 वर्षीय अभिमन्यु सिंह तोमर की भी मौत हुई है। अभिमन्यु के पिता लोकेंद्र सिंह तोमर स्वास्थ्य विभाग में अधिकारी हैं और अभी पुडुचेरी में पदस्थ हैं। मूल रूप से अंबाह-पोरसा (मुरैना) का रहने वाला अभिमन्यु अपनी मां, छोटे भाई के साथ भगत सिंह नगर में किराए पर रहता था।
शनिवार रात को वह भी मां को बिना बताए घर से निकला था। घटना के बाद अभिमन्यु की मां और छोटा भाई अस्पताल पहुंचे। उनका रो-रो कर बुरा हाल था। मां बार-बार यही कह रही थी इसके बिना अब मैं कैसे रहूंगी।
अपने घर में इकलौता था आदित्य
हादसे में जान गंवाने वाला 22 वर्षीय आदित्य बीसीए का छात्र था। वह भी अपने परिवार का इकलौता बेटा था। घटना के वक्त वह कार में अपने अन्य दोस्तों के साथ ठीक ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर बैठा हुआ था।
हादसे में जान गंवाने वाले रेगुलर दोस्त नहीं थे
मृतक प्रिंस और आदित्य के दोस्तों ने बताया कि प्रिंस और आदित्य के साथ तीन लड़कों की डेथ हुई है। उनके साथ उसका रोज उठना-बैठना नहीं था। यह रेगुलर फ्रेंड नहीं थे। यह कभी-कभी मिलते थे।
कल किसी का बर्थडे था, जिस कारण यह सभी एक साथ जश्न मनाने निकले थे। रात 9 बजे तक प्रिंस उन्हीं के साथ था। इसके बाद अपने पिता की SUV लेकर अन्य दोस्तों के साथ जश्न मनाने गया था।
रात भर ड्रिंक, सुबह समोसा पार्टी करने पहुंचे जौरासी
पता लगा है कि सभी लोग रात भर साथ थे और ड्रिंक भी की थी। सुबह भूख लगी तो समोसा खाने के लिए जौरासी घाटी स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे थे। यहां मंदिर के सामने नाश्ते की दुकान पर समोसे खाए और फिर वापस घर आने के लिए निकले थे। अभी 10 मिनट भी नहीं चले थे कि फॉर्च्यूनर हादसे का शिकार हो गई।
एक साथ निकले पांचों दोस्तों के शव
ग्वालियर में रविवार दोपहर को अस्पताल के बाहर जो मंजर था वह दिल दहला देने वाला था। जिस तरह एक साथ शनिवार रात को पांचों दोस्त जश्न मनाने निकले थे, उसी तरह एक के बाद एक सभी के शव उनके परिजन एम्बुलेंस से ले जाते निकल रहे थे।
रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर हुई कार्रवाई
रेत से भरी ट्रॉली से टकराकर पांच युवकों की मौत होने की सूचना मिलते ही माइनिंग विभाग की टीम सुबह ही सड़कों पर उतर आई। रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर धड़ाधड़ कार्रवाई होने लगी। माइनिंग व प्रशासन की टीम देखकर रेत भरी ट्रॉलियां सड़क से गायब हो गईं।

