चेक पॉइंट नहीं, 40 लूट पॉइंट हर जगह आरटीओ के निजी दलाल !!!!
जगह-हनुमना आरटीओ चेक पोस्ट से रीवा के बीच । आरोपी- ट्रक चालक सुमित पटेल। आरोप- आरटीओ के एक प्राइवेट दलाल को ट्रक पर 5 किमी तक लटकाए रखा। क्योंकि, वह आरटीओ के खाते के नाम पर वसूली के पैसे मांग रहा था।
महज 500-1000 रुपए के लिए एक शख्स को ट्रक के दरवाजे के पास लटकाए रखना कहां तक उचित? ऐसे सवाल के जवाब में न सिर्फ ट्रांसपोर्ट एसोसिशन, बल्कि व्यापारी भी एक सुर में कहते हैं कि ये कोई एक पांच सौ हजार रुपए की बात नहीं। हजारों ट्रक चलते हैं। अब मोहन सरकार से पहले जिस तरह चेक पोस्ट पर निजी आदमी वसूली करते थे, वह फिर शुरू हो गए हैं। कई नए सौरभ शर्मा पैदा हो गए हैं।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस नई दिल्ली मैनेजिंग कमेटी के मेंबर के सीएल मुकाती कहते हैं कि सरकार ने अवैध वसूली रोकने के लिए मप्र सीमा पर बने सभी चेक पोस्ट एक जुलाई 2024 से बंद कर दिए थे। इसमें से सभी 100 फीसदी परिवहन विभाग और उनके गुंड़ों के जरिए दोबारा ऑपरेट हो रहे हैं। स्थिति ये है कि रोजाना एमपी के अलग-अलग लोकेशन से लाखों की वसूली की जा रही है। रोज जबरन गाड़ियों को रोका जा रहा है।
आरटीओ के दलाल को 5 किमी तक ट्रक के गेट से लटकाए रखा…
हनुमना आरटीओ चेक पोस्ट से रीवा के बीच फोटो में दिखाई दे रहे आरोपी ट्रक चालक सुमित पटेल ने बताया कि दलाल लगातार पैसे देने का दबाव बना रहा था। जब मना किया, तो दलाल जबरन ट्रक पर चढ़ गया। इसके बाद उसने ट्रक को आगे बढ़ा दिया।
दलाल करीब 5 किलोमीटर तक ट्रक के गेट पर लटका रहा। वह बार-बार पैर छूकर माफी मांगता रहा। छोड़ देने की गुहार लगाता रहा। वीडियो शनिवार दोपहर का है, जो रविवार सुबह सामने आया। सवाल ये कि ऐसा क्यों? और कितना जायज? पढ़िए इसकी कहानी:-
रीवा-भिंड-मुरैना में सबसे ज्यादा परेशानी
आरोप है कि एमपी के 40 से ज्यादा चेक पाॅइंट अब लूट पाॅइंट बन चुके हैं। पूछताछ करने पर कहा जाता है कि चलना है तो देना पड़ेगा। सबसे ज्यादा परेशानी भिंड-मुरैना, रीवा, बैतूल से सटे इलाकों में होती है। बिना लेन-देन किए गाड़ियों को जाने ही नहीं दिया जाता है। अब तो ऐसी स्थिति हो गई है कि बिना वर्दी में गुड़ें वसूली कर रहे हैं। नहीं देने पर मारपीट की जाती है। जबरन चालाना काट दिए जाते हैं।
हद तो ये… पैसे नहीं देने पर ड्राइवर ने चप्पल पहनी है या नहीं? इसके तक चालान काट देते हैं
मुकाती का आरोप है कि वसूली के पैसे नहीं देने पर ट्रक ड्राइवर ने यदि चप्पल नहीं पहनी है, ड्रेस में नहीं है, नंबर प्लेट के नंबर छोटे-बड़े हैं? इन बातों को लेकर भी एक-एक गाड़ी के कई बार चालान बनाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि पहले की ही तरह अब नए सिरे से यहां पर करीब 50 से 60 करोड़ रुपए की हर महीने वसूली हो रही है, जिसे आगे बढ़ाने का भी टार्गेट दिया गया है।

