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हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा……नेता नवनीत राणा के अपने कितने बच्चे?

हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील करने वाली नेता नवनीत राणा के अपने कितने बच्चे?

बीजेपी नेता नवनीत राणा ने हिंदुओं से 3-4 बच्चे पैदा करने की अपील कर विवाद छेड़ दिया है, मुस्लिम मौलाना के ज्यादा बच्चों का हवाला देते हुए. उन्होंने ‘बढ़ती मुस्लिम आबादी’ का मुकाबला करने के लिए 4 बच्चे पैदा करने की अपील की है.

हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील करने वाली नेता नवनीत राणा के अपने कितने बच्चे?

नवनीत राणा

बीजेपी नेता नवनीत राणा ने कहा है कि हिंदुओं को कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करना चाहिए. राणा ने कहा कि एक मौलाना ने कहा है कि उसकी चार पत्नियां हैं और उसके 19 बच्चे हैं. उन्होंने कहा कि अगर वे 19 बच्चे पैदा कर रहे हैं हमें तीन-चार चार बच्चे तो जरूर करने चाहिए.

नवनीत राणा की शादी 2011 में रवि राणा से हुई थी और उनके सिर्फ दो बच्चे हैं, जिसमें एक बेटा रणवीर और बेटी आरोही है. हालांकि नवनीत हिंदुओं से चार बच्चे पैदा करने की अपील कर रही हैं. उनकी इस अपील के साथ तर्क दिया है कि हम भारत को पाकिस्तान-बांग्लादेश नहीं बनने देंगे और मुसलमानों की बढ़ती आबादी से मुकाबला करने के लिए ज्यादा बच्चे करने होंगे. इस से पहले भी विवादित बयानों से घिरे रहने वाली राणा ने मुस्लिमों की आबादी को लेकर को डेटा पेश नहीं किया है.

 

हिंदुओं के बच्चे पैदा करने पर राणा राणा ने क्या सलाह दी?

मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए राणा ने कहा, “मुझे नहीं पता कि वह मौलाना है या कोई और लेकिन उसने कहा कि उसके 19 बच्चे और चार पत्नियां हैं, लेकिन वह 30 बच्चों का कोरम पूरा नहीं कर पाया. वे बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलने की योजना बना रहे हैं. तो हमें सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट रहना चाहिए? हमें भी तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए.”

उद्धव ठाकरे लाचारी का दूसरा नाम- नवनीत राणा

उन्होंने मुंबई नगर निगम चुनावों के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली MNS के बीच संभावित गठबंधन की संभावनाओं को कम करके आंका. उन्होंने कहा, “उद्धव ठाकरे लाचारी का दूसरा नाम बन गए हैं. वह अपने कार्यकर्ताओं के लिए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में प्रचार करने के लिए बाहर नहीं निकले. अगर कोई उद्धव के साथ जुड़ता भी है, तो उसका प्रदर्शन स्थानीय निकाय चुनावों से भी बदतर होगा.”

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