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डोमेन रजिस्ट्रेशन में अब ई-केवाईसी जरूरी..नकली वेबसाइटों पर हाईकोर्ट सख्त !!!!!

नकली वेबसाइटों पर हाईकोर्ट सख्त…
डोमेन रजिस्ट्रेशन में अब ई-केवाईसी जरूरी; जानकारी छिपाने पर होगी कार्रवाई
Delhi High Court now makes e-KYC mandatory for domain registration for websites
सांकेतिक तस्वीर – फोटो : AI

ऑनलाइन धोखाधड़ी और नकली वेबसाइटों के बढ़ते मामलों पर सख्ती दिखाते हुए हाईकोर्ट ने डोमेन नाम रजिस्ट्रेशन के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि डोमेन रजिस्ट्रेशन के समय जानकारी छिपाने की व्यवस्था अब नहीं होगी।

यह आदेश उन मामलों की सुनवाई में दिया गया, जिनमें कई बड़ी कंपनियों ने शिकायत की थी कि उनके नाम और ब्रांड की नकल करके फर्जी वेबसाइटें बनाई जा रही हैं। इन वेबसाइटों के जरिये लोगों को नौकरी, फ्रेंचाइजी और डीलरशिप का लालच देकर पैसे ठगे जा रहे हैं। इन मामलों में टाटा स्काई, अमूल, बजाज फाइनेंस, डाबर, मीशो, क्रोमा, कोलगेट और आईटीसी जैसे बड़े ब्रांड शामिल थे।

गलत इस्तेमाल की जानकारी पर तुरंत करें सस्पेंड
 न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह ने कहा कि डोमेन नाम किसी भी बिजनेस की ऑनलाइन पहचान होते हैं और उनका गलत इस्तेमाल आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। कोर्ट ने कहा कि साइबर ठगी और दूसरी ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि किसी डोमेन के गलत इस्तेमाल की जानकारी मिलते ही उसे तुरंत लॉक, सस्पेंड या ब्लॉक किया जाए।

डोमेन रजिस्ट्रार को 72 घंटे के भीतर डोमेन मालिक की पूरी जानकारी सुरक्षित रखनी होगी और जरूरत पड़ने पर ट्रेडमार्क मालिक या जांच एजेंसियों को देनी होगी। धोखाधड़ी में इस्तेमाल हुए डोमेन नामों को हमेशा के लिए बंद होगा। 

बैंक भी बरतें सावधानी
हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अब डोमेन रजिस्ट्रेशन के समय सभी रजिस्ट्रार को ई-केवाईसी करना होगा। प्राइवेसी प्रोटेक्शन अब अपने आप नहीं मिलेगा, बल्कि यह सिर्फ़ एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में ही लिया जा सकेगा। इसके अलावा, बैंकों को भी आदेश दिया कि वे ऑनलाइन भुगतान के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करें।

खास तौर पर, पैसे भेजने से पहले लाभ पाने वाले बैंक खाते के नाम की जांच करना जरूरी होगा, ताकि लोग ठगी का शिकार न हों। कोर्ट ने कहा कि इन निर्देशों का मकसद सिर्फ़ कंपनियों की सुरक्षा नहीं, बल्कि आम जनता को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाना है। 

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