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15 FIR, इंस्टा पर पोस्ट- मैं कातिल हूं… कौन है इंद्रजीत यादव?

15 FIR, इंस्टा पर पोस्ट- मैं कातिल हूं… कौन है इंद्रजीत यादव? जिसके ठिकाने से ED ने जब्त की 50 करोड़ की संपत्ति

Who is Inderjeet Singh Yadav: ईडी ने इंद्रजीत सिंह यादव और उसके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की है. प्रवर्तन निदेशालय ने इंद्रजीत के ठिकाने से करीब 50 करोड़ की संपत्ति जब्त की है. जांच एजेंसी ने उसे ‘कुख्यात स्ट्रॉन्गमैन’ बताया है. जानें कौन है इंद्रजीत यादव?

15 FIR, इंस्टा पर पोस्ट- मैं कातिल हूं... कौन है इंद्रजीत यादव? जिसके ठिकाने से ED ने जब्त की 50 करोड़ की संपत्ति

Inderjeet Singh Yadav.

इंद्रजीत सिंह यादव का नाम फिर से सुर्खियों में है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में उसके और उसके करीबियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की. ईडी की जांच में इंद्रजीत सिंह यादव को एक ऐसा कुख्यात स्ट्रॉन्गमैन बताया गया है, जो अपराध, अवैध वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के एक संगठित नेटवर्क का मुख्य चेहरा है. इंद्रजीत के इंस्टाग्राम पर 1.2 M फॉलोअर्स हैं.

इंद्रजीत सिंह यादव M/s Gem Records Entertainment Pvt. Ltd. का मालिक और मुख्य नियंत्रक है, जो Gems Tunes नाम से काम करती है. मगर संगीत और मनोरंजन की आड़ में वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय बताया जा रहा है. ईडी और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इंद्रजीत सिंह यादव पर हत्या, अवैध वसूली, निजी फाइनेंसरों के कर्ज की जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जमीन कब्जा, हथियारों के दम पर धमकाने और हिंसक अपराधों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं.

15 से ज्यादा FIR, कई राज्यों में केस

ईडी ने इस मामले में जांच हरियाणा पुलिस और यूपी पुलिस द्वारा दर्ज 15 से ज्यादा FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू की. ये मामले आर्म्स एक्ट 1959, IPC 1860 और BNS 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज हैं. इंद्रजीत सिंह यादव फिलहाल हरियाणा पुलिस के लिए वांछित है और जांच एजेंसियों के मुताबिक वह इस समय UAE से ऑपरेट कर रहा है और फरार है.

इंस्टा पर पोस्ट- मैं कातिल हूं…Inderjeet Singh Yadav

कॉरपोरेट विवादों में ‘एनफोर्सर’ की भूमिका

ED की जांच में खुलासा हुआ है कि इंद्रजीत सिंह यादव ने खुद को एक ‘एनफोर्सर’ या ‘स्ट्रॉन्गमैन’ के तौर पर स्थापित कर रखा था. आरोप है कि Apollo Green Energy Ltd. सहित कई कॉरपोरेट हाउस ने झज्जर (दिघल) के निजी फाइनेंसरों से भारी रकम नकद में उधार ली और बदले में पोस्ट-डेटेड चेक दिए. जब भुगतान या विवाद बढ़ता, तो इंद्रजीत सिंह यादव धमकी, हथियारबंद गुर्गों और स्थानीय गैंग्स के जरिए जबरन समझौते कराता था. इन सौदों की कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये बताई जा रही है.

कमीशन के नाम पर करोड़ों की ‘काली’ कमाई

ED का दावा है कि इन जबरन कर्ज समझौतों के बदले इंद्रजीत सिंह यादव ने सैकड़ों करोड़ रुपये कमीशन के रूप में वसूले. इस अवैध कमाई से उसने महंगी लक्जरी कारें, कई चल-अचल संपत्तियां अर्जित कीं. हालांकि, इन सबके बावजूद वह आयकर रिटर्न में बेहद कम आय दिखाता रहा.

ED की रेड में क्या मिला

  • 5 लग्जरी कारें
  • ₹17 लाख नकद
  • बैंक लॉकर
  • आपत्तिजनक दस्तावेज
  • डिजिटल डिवाइस और डेटा

इसके अलावा ED को यह भी पता चला कि इंद्रजीत सिंह यादव ने कॉरपोरेट हाउस और निजी फाइनेंसरों के बीच कर्ज निपटारे के लिए एक वेबसाइट/पोर्टल भी विकसित और संचालित किया था.

परिवार के नाम पर संपत्ति

जांच में यह भी सामने आया है कि अपराध से अर्जित धन यानी Proceeds of Crime से कई संपत्तियां इंद्रजीत सिंह यादव और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गईं.

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