बिना कोचिंग अकेले दम पर IPS बनीं सिमाला प्रसाद !
बिना कोचिंग अकेले दम पर IPS बनीं सिमाला प्रसाद ने Real और Reel दोनों किरदारों में दिखाया अपना दमखम!
जबलपुर में जीआरपी एसपी सिमाला सिंह की जर्नी खासकर उन युवाओं के लिए बहुत प्रेरक हैं, जो अकेले अपने दम पर बिना कोचिंग यूपीपीएसी में सफल होना चाहते हैं. सिमाला प्रसाद ने कैरियर के लिए सपनों को नहीं पीछे नहीं छोड़ा.एक्टिंग में हाथ आजमाया और फिल्मों में काम भी किया.

IPS Simala Prasad: देश सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी परीक्षा पहले प्रयास में बिना कोचिंग के पास करने वाली आईपीएस अफसर सिमाला सिंह किसी परिचय की मोहताज नहीं है. मध्य प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी सिमाला सिंह अपने सशक्त और ईमानदारी छवि के लिए मशहूर हैं. फिलहाल वो जबलपुर जिले में तैनात हैं.
अकेले दम पर बिना कोचिंग पहले प्रयास में आईपीएस बनीं सिमाला
भोपाल में जन्मीं आईपीएस सिमाला प्रसाद ने अकेले दम पर बिना कोचिंग पहले प्रयास में आईपीएस बनने कारनामा किया है. उन्होंने डांसिंग और एक्टिंग में अपनी रुचि को भी बिना लाग-लपेट के बखूबी जिया है. रियल और रील जिंदगी में दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं आईपीएस सिमाला सिंह अभी जीआरपी जबलपुर एसपी के रूप में तैनात है.

पूर्व IAS ऑफिसर और सांसद डॉ. भागीरथ प्रसादकी होनहार बेटी
8 अक्टूबर 1980 में जन्मीं आईपीएस सिमाला का जन्म भोपाल में पूर्व आईएएस और सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद के घर हुआ. सिमाला की मां मेहरुन्निसा परवेज हिंदी की एक बेहतरीन लेखिका हैं, जिन्हें उनकी असाधारण लेखन और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए साल 2005 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.
सोशियोलॉजी में मास्टर हैं जबलपुर जीआरपी एसपी IPS सिमाला
पिता डा. भगीरथ प्रसाद की होनहार बेटी सिमाला सिंह को पिता की पोस्टिंग की वजह से बार-बार अपना स्कूल बदलना पड़ा, लेकिन पढ़ाई के साथ-साथ एक्ट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज में भी हमेशा आगे रहने वाली सिमाला प्रसाद ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. कॉमर्स ग्रेजुएट सिमाला प्रसाद ने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से सोशियोलॉजी में मास्टर किया है.

सशक्त और निर्भीक सिमाला प्रसाद से आज भी खौफ खाते हैं अपराधी‘
लेडी सिंघम’ के रूप में मशहूर आईपीएस सिमाला प्रसाद मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में पोस्टिंग के दौरान नक्सल प्रभावित इलाके में एक सशक्त और निर्भीक अधिकारी के रूप में पहचान बनाई थी और यही पहचान उनके छवि का प्रमुख हिस्सा बन चुकी है, जो अपराधियों में उनके लिए खौफ पैदा करती है.
आईपीएस ऑफिसर सिमाला प्रसाद न सिर्फ एक सशक्त अधिकारी है, बल्कि अभिनय और डांसिंग कलाओं से भी परिपूर्ण हैं. बचपन से ही एक्टिंग और डांसिंग में रूचि रखने वाली सिमाला प्रसाद ने आईपीएस अधिकारी की नौकरी के बीच एक्टिंग में अपनी रुचि को जिंदा रखा है.
लापता लड़कियों के मुद्दे पर लिखी है ‘शी गोज मिसिंग’ नामक किताब
करीब 15 साल से ज्यादा की पुलिसिंग, सोशल इंटरवेंशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन के अनुभव से लिखी उनकी,’शी गोज मिसिंग’ नामक किताब भारत में लड़कियों के लापता होने के मुद्दे पर है, जो लापता लड़कियों के बारे में लिखा गया एक उत्कृष्ट विश्लेषण है. किताब पाठकों को गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट के पीछे के अनुभवों की सीधी समझ देती है.

IPS सिमाला प्रसाद का बॉलीवुड सफर, अभिनय में आजमाया है लक
बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर जैगम इमाम ने आईपीएस सिमाला सिंह की अभिनय में रूचि को पहचानते हुए उन्हें अपनी फिल्म ‘अलीफ’ में अभिनय का पहला मौका दिया. साल 2017 में सिमाला प्रसाद की पहली फिल्म ‘अलीफ’ रिलीज हुई और साल 2019 में उनकी दूसरी फिल्म ‘नक्काशा’ में आई थी, जिसमें उन्होंने जर्नलिस्ट का किरदार निभाया था.

