दिल्ली

 ‘पीएम सदन में आने से डर रहे… सच्चाई का सामना नहीं कर सकते !!!

 ‘पीएम सदन में आने से डर रहे… सच्चाई का सामना नहीं कर सकते’; राहुल ने किस पर की FIR की मांग?

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हाल ही में संसद में जो घटनाएं हुईं, वे पूरी तरह असंवैधानिक और पक्षपातपूर्ण थीं। उन्होंने बताया कि विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने नरवणे की किताब का मुद्दा उठाया। सरकार चाहती थी कि वह इस पर चर्चा न करें।

संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। सुबह 11 बजे सदन शुरू होने के साथ ही हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जनरल नरवणे की किताब पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने कहा कि बजट पर बोलना चाहते हैं तो बोल सकते हैं, लेकिन किसी और विषय पर बोलने के लिए कोई नोटिस नहीं मिला है। जिस पर फिर से हंगामा हुआ। इस पूरे घटनाक्रम पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया सामने आई है।

‘रक्षा मंत्री ने झूठ कहा कि किताब पब्लिश नहीं हुई है’
 राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, कहानी कुछ दिन पहले शुरू हुई जब नरवणे की किताब का मुद्दा आया और सरकार नहीं चाहती थी कि मैं इस पर बिल्कुल भी बात करूं, इसलिए उन्होंने सदन को रोक दिया। उन्होंने मुझे बोलने नहीं दिया। ऐसा तीन या चार बार हुआ। पहले उन्होंने कहा कि मैं किसी किताब का हवाला नहीं दे सकता। मैंने कहा कि मैं किताब का हवाला नहीं दे रहा हूं, मैं एक मैगजीन का हवाला दे रहा हूं। फिर उन्होंने कहा कि आप मैगजीन का हवाला नहीं दे सकते। फिर मैंने कहा कि मैं इस बारे में बात करूंगा। फिर वे नहीं चाहते थे कि मैं इस बारे में बात करूं। रक्षा मंत्री ने झूठ कहा कि किताब पब्लिश नहीं हुई है। असल में किताब पब्लिश हो चुकी है और हमारे पास उसकी एक कॉपी भी है। 

‘एक सदस्य ने कई किताबें कोट कर घटिया बातें कहीं’
राहुल गांधी ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है, राष्ट्रपति के भाषण में विपक्ष के नेता और पूरे विपक्ष को बोलने की इजाजत नहीं  दी जा रही है। दूसरा मुद्दा यह है कि उनके एक सदस्य ने किताबें, कई किताबें कोट करते हुए बात की, बहुत घटिया बातें कहीं और कुछ नहीं कहा गया। हमें यह बात पसंद नहीं है कि वे जब चाहें, जो चाहें कह सकते हैं, और विपक्ष नहीं कह सकता। 

अगर किसी ने कहा कि वह पीएम पर हमला करने वाला है तो उस पर FIR करें- राहुल
राहुल गांधी ने आगे कहा कि  तीसरा मुद्दा हमारे सदस्यों का सस्पेंशन है और आखिरी मुद्दा, जिससे हम बहुत परेशान हैं, वह यह फैलाया जा रहा है कि सदस्य प्रधानमंत्री को धमकाने वाले थे। इसका कोई सवाल ही नहीं है। सच्चाई बहुत साफ है। प्रधानमंत्री सदन में आने से डर रहे थे, सदस्यों की वजह से नहीं, बल्कि मेरी बातों की वजह से।

उन्होंने कहा कि वह अभी भी डरे हुए हैं क्योंकि वह सच्चाई का सामना नहीं कर सकते। हमारे सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री पर हमला करने का कोई सवाल ही नहीं है। उनमें आने की हिम्मत होनी चाहिए। मैंने यह भी कहा कि अगर किसी ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री पर हमला करने वाला है, तो कृपया तुरंत एफआईआर करें। उस व्यक्ति को गिरफ्तार करें। आप ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? 

राहुल की ओम बिरला से मुलाकात
इसी बीच यह खबर भी सामने आ रही है कि, राहुल गांधी ने सोमवार को कुछ विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और उन्हें उन मुद्दों के बारे में बताया जिन्हें वह सदन में उठाना चाहते हैं।

बैठक में राहुल ने उठाये ये मुद्दे 
यह बैठक कुछ मिनटों तक चली और यह बैठक तब हुई जब निचले सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सूत्रों ने बताया कि गांधी ने स्पीकर से कहा कि वह आठ कांग्रेस सांसदों के निलंबन और संसद से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाना चाहते हैं, जिसमें महिला सांसदों पर लगाए गए आरोप भी शामिल हैं।

बिरला ने पिछले हफ्ते सदन में कहा था कि उनके पास “पक्की जानकारी” है कि कई कांग्रेस सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट की ओर बढ़ सकते हैं और “कुछ अप्रत्याशित हरकत” कर सकते हैं, जिसके कारण उन्होंने उनसे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए सदन में न आने का अनुरोध किया था।

राहुल गांधी के साथ मौजूद रहे ये नेता 
स्पीकर के साथ गांधी की मुलाकात के दौरान टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, डीएमके नेता टी आर बालू और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव भी उनके साथ थे। विपक्षी नेताओं ने स्पीकर से गतिरोध खत्म करने के लिए लोकसभा के आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द करने का आग्रह किया। लोकसभा में 3 फरवरी से ही हंगामा हो रहा है, जब चेयर ने गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के ‘अप्रकाशित संस्मरण’ के अंशों पर आधारित एक लेख से उद्धृत करने से रोक दिया था, जिसमें उन्होंने 2020 के भारत-चीन संघर्ष का जिक्र किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *