NH-719 को संत समाज ने कहा खूनी हाईवे !
भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर हो रहे हादसों को लेकर जब एमपी सरकार के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना से सवाल किया तो वे भड़क गए। इतना ही नहीं मंत्री कंसाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही छोड़ दी और बिना जवाब दिए चले गए।दरअसल केंद्र सरकार के बजट में इस बार भी इस ग्वालियर भिंड हाईवे को नजरअंदाज किया गया है। जिससे संत समाज और आस-पास के ग्रामीणों नाराजगी है। अब संत समाज ने साफ कहा है कि ज्ञापन, आश्वासन और बैठकों का दौर खत्म हो चुका है। अब आंदोलन ऐसा होगा, जिसे सरकार भी नियंत्रित नहीं कर पाएगी।
संत समाज और लोग NH-719 को अब “खूनी हाईवे” कहने लगे
संतों का कहना है कि ग्वालियर-भिंड हाईवे पर हर साल हो रही मौतें सरकारी फाइलों में सिर्फ आंकड़े बनकर रह गई हैं। एमपीआरडीसी ने अब तक अपग्रेडेशन की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की, जबकि केंद्र बजट में भी हाईवे-719 को दरकिनार कर दिया गया। संत समाज का कहना है कि जब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।
सवाल करने पर मंत्री कंसाना भड़के
मंगलवार को भिंड के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने हाईवे-719 पर हो रही मौतों और बजट में अनदेखी को लेकर सवाल किया। सवाल सुनते ही कृषि मंत्री असहज हो गए और उल्टा भड़क गए और कोई जवाब दिए बिना ही प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में छोड़कर चले गए। इस घटनाक्रम को लेकर संत समाज ने मंत्री की चुप्पी को संवेदनहीनता करार दिया है।
संतों ने आंदोलन की चेतावनी दी
अखिल भारतीय संत समिति के जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने ऐलान किया है कि अब यह आंदोलन आखिरी होगा। उन्होंने कहा कि देश के शंकराचार्य, मठ-मंदिरों के महंत और साधु-संत सड़क पर उतरेंगे। 20 से 25 दिनों में बड़े आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। संत समाज ने दो टूक कहा—अब सरकार को तय करना होगा कि वह सड़क बनाएगी या आंदोलन का सामना करेगी।
