भोपाल : शराब से कमाई का टारगेट …? 1500 करोड़ कमाई बढ़ेगी ….
शराब से कमाई का टारगेट:नई शराब नीति का ड्राफ्ट तैयार, दुकानें नहीं बढ़ेंगी, 5% ज्यादा होगी शराब लाइसेंस फीस; 1500 करोड़ कमाई बढ़ेगी
स्कूलों से दुकानें कितनी दूर होंगी, इस पर मंथन जारी
- इन स्थितियों के बाद भी लक्ष्य डेढ़ हजार करोड़ रु. बढ़ाया जा रहा
मप्र में इस बार शराब की कंपोजिट दुकानों की लाइसेंस फीस पिछली बार से 5% ज्यादा रखने की तैयारी है। इसके पीछे तर्क है कि चालू वर्ष में शराब से होने वाली कमाई का टारगेट 13 हजार 255 करोड़ है, लेकिन अनुमान के अनुसार 12 हजार 800 करोड़ ही खजाने में आएंगे।
इन स्थितियों के बाद भी लक्ष्य डेढ़ हजार करोड़ रु. बढ़ाया जा रहा है। इसकी पूर्ति लाइसेंस फीस बढ़ाकर की जाएगी। नए वित्तीय वर्ष के लिए नई आबकारी नीति का ड्राफ्ट तकरीबन तैयार हो गया है। इसमें वैट और अन्य ड्यूटी को पूर्व की तरह ही रखा जा सकता है। नई दुकानें न बढ़ेंगी, न पुरानी घटेंगी।
कंट्री लिकर की कीमत बढ़ेगी
कंट्री लिकर (देसी शराब) की कीमत 1-2 रुपए बढ़ सकती है। सरकार ने इसके टेंडर निकाल दिए हैं। पिछली बार रेट 25% तक कम आए थे, जिसके परिणाम स्वरूप प्रति नग कीमत 4 से 5 रुपए घट गई थी। अब हर बोतल पर कीमत 1-2 रुपए बढ़ जाएगी।
स्कूलों से दुकानें कितनी दूर होंगी, इस पर मंथन जारी
- पिछली बार 10% लाइसेंस फीस थी। मंत्री समूह चाहता था, इसे 20% कर दिया जाए। इस पर व्यापारियों के साथ गहन मंथन हुआ। कई कारोबारी बाहर हो गए। नए सिरे से टेंडर किए। इसके बाद भी 10% के आंकड़े तक फीस नहीं पहुंची। इस बार पहले से ही लाइसेंस फीस 15% रखने की तैयारी है।
- स्कूलों और कॉलेजों के साथ शिक्षण संस्थानों के आसपास कितनी दूरी पर दुकानें होंगी, उसके लिए सख्ती कैसे रखी जाएगी, इस पर भी ड्राफ्ट में प्रावधान करने की बात की जा रही है।