वक्फ बोर्ड की जमीन पर UP का राजभवन!

वक्फ बोर्ड की जमीन पर UP का राजभवन! जानें कहां-कहां और कितनी है प्रॉपर्टी, ये है पूरी डिटेल

भारत में वक्फ बोर्ड की विशाल संपत्ति और नए वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा तेज हो गई है. वक्फ बोर्ड, सेना और रेलवे के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा जमींदार है, जिसके पास 8 लाख एकड़ से ज़्यादा ज़मीन है. देश में सबसे ज्यादा वक्फ की संपत्ति उत्तर प्रदेश में है. जिसमें कई ऐतिहासिक स्थल भी शामिल हैं. संशोधन विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और दुरुपयोग को रोकना है.

वक्फ बोर्ड की जमीन पर UP का राजभवन! जानें कहां-कहां और कितनी है प्रॉपर्टी, ये है पूरी डिटेल

वक्फ संपत्ति

देश की संसद में वक्फ एक्ट में संशोधन की आहट के बीच एक बार फिर से वक्फ बोर्ड और इसकी संपत्तियों की चर्चा तेज हो गई है. यह चर्चा अनायास नहीं हो रहा. दरअसल देश में भारतीय सेना और रेलवे के बाद सबसे ज्यादा संपत्ति यदि किसी के पास है तो वह वक्फ बोर्ड ही है. इस समय 8 लाख एकड़ से अधिक संपत्तियों के साथ वक्फ बोर्ड तीसरा बड़ा जमींदार संस्था है. वहीं राज्यों के हिसाब से देखा जाए तो वक्फ की संपत्तियों के मामले में उत्तर प्रदेश टॉप पर है.

उत्तर प्रदेश में तो राजभवन तक को वक्फ की जमीन पर बने होने का दावा किया जाता है. इसके अलावा मथुरा की शाही ईदगाह, बनारस में ज्ञानवापी, लखनऊ में ऐशबाग ईदगाह भी वक्फ की संपत्ति पर है. उत्तर प्रदेश में शिया वक्फ बोर्ड के पास तो महज 15 हजार 386 ही संपत्तियां हैं, लेकिन सुन्नी बोर्ड के पास 2 लाख 10 हजार 239 से भी अधिक संपत्तियां हैं. वक्फ की काफी संपत्तियां संभल, रामपुर, मुरादाबाद और अमरोहा जिले में बताई जा रही हैं.

क्या होती है वक्फ संपत्तिमुस्लिम समुदाय से संबंध रखने वाले किसी व्यक्ति की कोई औलाद नहीं होती तो उसके निधन के बाद उसकी संपत्ति वक्फ की हो जाती है. इसी प्रकार कुछ लोग जिंदा रहते अपनी संपत्ति वक्फ बोर्ड को दान कर देते हैं. दरअसल वक्फ शब्द अरबी भाषा के वकूफा से बना है. इसका अर्थ अल्लाह के नाम होता है. इस हिसाब से वक्फ की संपत्तियों का मालिक अल्लाह होता है और इन संपत्तियों का इस्तेमाल अल्लाह के काम में लिया जाता है. इस संपत्ति पर मस्जिद, मदरसे, कब्रिस्तान, ईदगाह और मजार आदि बनाए जा सकते हैं.

1954 में आया था वक्फ अधिनियमआजादी के बाद देश में पहली बार 1954 में वक्फ अधिनियम लाया गया था. इसका उद्देश्य वक्फ की जमीनों पर नियंत्रण रखना और उनका गलत इस्तेमाल रोकना था. हालांकि लगातार विवाद सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की सरकार ने दो साल पहले गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराया था. इसी क्रम में वक्फ में दर्ज सार्वजनिक सपंत्तियों की समीक्षा कराई जा रही है. वहीं अब केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन कानून तैयार कर लिया है और जल्द ही संबंधित बिल सदन में पेश करने वाली है.

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