मध्य प्रदेश

भीम आर्मी नेता ने रेलवे की अव्यवस्था दिखाई…FIR हुई

भीम आर्मी नेता ने रेलवे की अव्यवस्था दिखाई…FIR हुई:एक्स पर पोस्ट कर पीएम और रेल मंत्री से सवाल पूछा था; भोपाल अपराध शाखा में केस दर्ज
भीम आर्मी के नेता सुनील अस्तेय के खिलाफ FIR दर्ज की गई है…

त्योहारों के दौरान रेलवे की अव्यवस्था और यात्रियों की परेशानियों पर सोशल मीडिया पर उठाए गए सवाल ने अब कानूनी विवाद का रूप ले लिया है। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के नेता सुनील अस्तेय के खिलाफ भोपाल अपराध शाखा में एफआईआर दर्ज की गई है।

अस्तेय ने अपने ट्विटर (X) हैंडल @SunilAstay से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए सवाल किया था “दीपावली और छठ पूजा के मौके पर केंद्र सरकार ने बिहार के लोगों के लिए 12,000 स्पेशल ट्रेनें चलाने का बड़ा वादा किया था… अब सवाल उठता है वो ट्रेनें कहां हैं?”

सुनील अस्तेय की यह पोस्ट त्योहारों के दौरान रेल सेवाओं में आई समस्याएं और अव्यवस्था को लेकर थी, जिसमें उन्होंने मुंबई के कल्याण रेलवे स्टेशन का एक वीडियो साझा किया था।

वीडियो में हजारों यात्री प्लेटफॉर्म पर धूप में खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि ट्रेनें खचाखच भरी हुई हैं और लोग किसी तरह घर लौटने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा अस्तेय ने 3 अन्य पोस्ट भी किए थे।

बता दें कि अस्तेय आजाद समाज पार्टी के स्टेट के पूर्व प्रेसिडेंट और पूर्व में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। अस्तेय पर मामला 23 अक्टूबर को दर्ज किया गया है।

सुनील अस्तेय द्वारा यह पहली पोस्ट की गई थी।
सुनील अस्तेय द्वारा यह पहली पोस्ट की गई थी।

पोस्ट में सीधे प्रधानमंत्री और रेल मंत्री पर निशाना

अस्तेय ने लिखा था – मुंबई के कल्याण रेलवे स्टेशन का यह दृश्य हमारी आंखों के सामने सच दिखा रहा है। यूपी और बिहार के लोग जान जोखिम में डालकर, भीड़ और गर्मी के बीच घर लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जनता के लिए दिया गया वादा अधूरा और केवल प्रचार तक सीमित रह गया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए कहा कि केवल घोषणाओं से नहीं, व्यावहारिक कदमों से जनता का भरोसा जीता जा सकता है।

आरपीएफ की शिकायत पर एफआईआर दर्ज

रेल सुरक्षा बल (RPF) भोपाल में पदस्थ उप निरीक्षक प्रभुनाथ तिवारी ने इस पोस्ट को “रेलवे प्रशासन और सरकार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला, भ्रामक और जनभावनाओं को भड़काने वाला” बताया।

उन्होंने अपने आवेदन में लिखा कि त्योहारों के दौरान करोड़ों यात्री रेल सेवाओं पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में इस तरह के मिथ्या पोस्ट सार्वजनिक शांति भंग करने, अफवाह फैलाने और सरकार के प्रति अविश्वास पैदा करने का प्रयास है।

प्रभुनाथ तिवारी ने शिकायत में चार पोस्टों के लिंक और उनके स्क्रीनशॉट के लिंक संलग्न किए, जिनमें रेलवे की व्यवस्था को लेकर अस्तेय द्वारा किए गए ट्वीट शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अस्तेय का ट्वीट एक “सुनियोजित प्रयास” प्रतीत होता है, जिससे केंद्र सरकार और रेलवे विभाग की छवि को नुकसान पहुंचे।

सुनील अस्तेय ने यह पोस्ट भी किए थे।
सुनील अस्तेय ने यह पोस्ट भी किए थे।

एफआईआर में क्या कहा गया

एफआईआर में कहा गया है कि आरोपी का कृत्य भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 और 356 बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है। एफआईआर में उल्लेख है कि “ट्विटर आईडी उपयोगकर्ता द्वारा रेलवे एवं वर्तमान सरकार तथा आम जनता के बीच वैमनस्य और अविश्वास फैलाने के उद्देश्य से भ्रामक पोस्ट प्रसारित किए गए हैं। उक्त पोस्ट्स त्योहारों के समय जब देशभर में करोड़ों लोग रेल सेवाओं पर निर्भर हैं, उस दौरान किए गए, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना है।

हालांकि, आरपीएफ कमांडेट डॉ. अभिषेक ने बताया कि हमें इस तरह की एफआईआर की कोई जानकारी नहीं है।

सुनील अस्तेय बोले- मैं फांसी के फंदे पर चढ़ने को तैयार हूं

एफआईआर दर्ज होने के बाद आजाद समाज पार्टी के फाउंडर मेंबर और भीम आर्मी के पूर्व अध्यक्ष सुनील अस्तेय ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने दीपावली और छठ पूजा के दौरान आम जनता की परेशानियों की आवाज सोशल मीडिया पर उठाई, तो केंद्र की ‘तानाशाही सरकार’ ने उनके गांव में पुलिस भेज दी।

अस्तेय ने आगे कहा, “हमने संवैधानिक दायरे में रहकर आवाज उठाई थी। जो लोग बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश से दिल्ली, मुंबई और गुजरात में काम करते हैं, त्योहारों पर जब अपने घर लौट रहे थे तो ट्रेनों में अफरातफरी और भीड़ का हाल बेहाल था। हमने सिर्फ वही सच्चाई एक्स हैंडल पर साझा की, लेकिन इसके बाद मेरे गांव में पुलिस भेजी गई, लोगों को डराया गया और पोस्ट डिलीट करवाने का दबाव बनाया गया।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *