घटना मझौलिया थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर गांव की है। जानकारी के मुताबिक, वहां तैनात दरोगा अरविंद सिंह अपने दो-तीन गार्डों के साथ पुलिस जीप से गांव पहुंचे थे। वे किसी मामले की जांच करने आए थे, लेकिन नशे में धुत होकर उन्होंने घरवालों से अभद्र भाषा में बात करनी शुरू कर दी। जब दरोगा ने गाली-गलौज और बदसलूकी की, तो स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और बंधक बना लिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने दरोगा की जमकर पिटाई की, उनकी वर्दी फाड़ दी और घंटों तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जो अब तेजी से फैल रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सूचना मिलने पर मझौलिया थाना से टीम मौके पर पहुंची और दरोगा को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि दरोगा नशे में धुत होकर महिलाओं से दुर्व्यवहार कर रहे थे और अशोभनीय भाषा का प्रयोग कर रहे थे। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने उन्हें सबक सिखाने के लिए पकड़ लिया और पिटाई कर दी। बेतिया पुलिस पर आचार संहिता और शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सूबे में शराबबंदी लागू है, तो पुलिसकर्मी खुद शराब पीकर जांच करने कैसे पहुंचे? इस पूरे घटनाक्रम से बेतिया पुलिस की साख पर गहरा धब्बा लगा है। जिले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग की किरकिरी हो रही है।