ग्वालियर : स्मार्ट सिटी के भविष्य को लेकर चिंता, आगे आय बढ़ाने के बारे में मांगी जानकारी !
ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन का भविष्य कैसा होने वाला है। वह किस तरह से रेवन्यू जनरेट कर सकता है। इसको लेकर अर्बन एडमिनिस्ट्रेशन एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने प्रदेश की सभी स्मार्ट सिटी से भविष्य में चल रहे प्रोजेक्ट की स्थिति एवं माइलस्टोन मैपिंग, परियोजना और रोडमैप की जानकारी मांगी है।
सभी स्मार्ट सिटी से डेटा जाने के बाद विभाग के एसीएस इसका रिव्यू कर आगे फैसला लेंगे। इस सबंध में आए पत्र के बाद ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। उसमें भोपाल से आए प्रारुप को भरने के लिए एक-एक प्वाइंट पर काम किया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि स्मार्ट सिटी भविष्य में कंसल्टेंसी एजेंसी के रूप में भी काम करने की योजना बना रहा है। जैसे कहां सरकारी इमारतों का निर्माण होना है। उसमें स्मार्ट सिटी फीस लेकर काम करेगा।
स्मार्ट सिटी के वर्तमान में चल रहे प्रोजेक्ट का स्वरूप
- महाराज बाड़ा मल्टी लेवल कार पार्किंग: एलएंडटी कंपनी इस पर काम कर रही है। 82 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में मौके पर वर्तमान में 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अभी 25 प्रतिशत काम को चार महीने में पूरा करके देना है।
- ऑडिटोरियम एवं मल्टी पर्पज हॉल बिथ स्टेइंग फैसेलिटी प्रोजेक्ट: 56.34 करोड़ में गोले का मंदिर के पास यह प्रोजेक्ट आकार ले रहा है। प्रोजेक्ट का 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम भी चल रहा है। यहां पर 800 कैपेसिटी का आडिटोरियम बनेगा। दिसंबर तक पूरा करना है।
- अप ग्रेडेशन ऑफ नगर निगम म्यूजियम: स्मार्ट सिटी ने उक्त काम नगर निगम को दिया हुआ है। 10 करोड़ रुपए खर्च कर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। अभी तक 80 प्रतिशत काम पूरा गया है। ये दिसंबर तक पूरा करना है।
रेवेन्यू देने वाले प्रोजेक्ट एक नजर में
- आईएसबीटी: चालू चुका है। इसका ओएंडएम भी दिया जा चुका है।
- थीम पार्क:गोले का मंदिर पर 1 दिसंबर से चालू होना है। इसमें टिकट से एंट्री होगी।
- औद्योगिक म्यूजियम: सरकारी प्रेस में आकार ले रहा है। इसमें एंट्री फीस रहेगी।{डिजिटल म्यूजियम:-प्लेनेटोरियम: टिकट से स्मार्ट सिटी को आय हो रही है।
- पब्लिक बाइक शेयरिंग: ये प्रोजेक्ट बंद हो चुका है। हालांकि अब इसे फिर से चालू करने पर काम शुरू हो गया है।
- स्मार्ट वाशरुम: स्मार्ट सिटी ने 20 जगह स्मार्ट वाशरूम बनाए हैं। इनसे 7.20 लाख रुपए वार्षिक आय हो रही है।
- आईटीएमएस: निगम के इस प्रोजेक्ट से वाहनों के चालान से आय हो रही है।

