क्राइममध्य प्रदेश

सिवनी हवाला लूट केस में फंस गए 2015 बैच के DSP पंकज मिश्रा?

2015 बैच के DSP, बालाघाट हॉक फोर्स में तैनाती; फिर कैसे सिवनी हवाला लूट केस में फंस गए पंकज मिश्रा?

जांच में सामने आया कि हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी को करीब तीन करोड़ रुपए की हवाला राशि कटनी से महाराष्ट्र के जालना की ओर भेजे जाने की जानकारी मिली थी. उसने यह सूचना अपने संपर्क में मौजूद जबलपुर क्राइम ब्रांच के प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी को दी. प्रमोद सोनी ने यह जानकारी आगे DSP पंकज मिश्रा तक पहुंचाई.

2015 बैच के DSP, बालाघाट हॉक फोर्स में तैनाती; फिर कैसे सिवनी हवाला लूट केस में फंस गए पंकज मिश्रा?

DSP पंकज मिश्रा (फाइल फोटो).

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सिवनी हवाला लूटकांड में SIT की जांच की रफ्तार तेज होती जा रही है. पहले ही SDOP पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तारी और सस्पेंशन का सामना करना पड़ा था. वहीं अब जांच आगे बढ़ाते हुए SIT ने चार और लोगों को गिरफ्तार किया है. इन गिरफ्तार आरोपियों में बालाघाट हॉक फोर्स के DSP पंकज मिश्रा, जबलपुर क्राइम ब्रांच के प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी, हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी और SDOP पूजा पांडेय के जीजा वीरेंद्र दीक्षित शामिल हैं. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चारों को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें आज यानी 20 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया था. पुलिस रिमांड खत्म होने पर आज फिर सभी को कोर्ट में पेश किया गया.

2015 बैच के DSP हैं पंकज मिश्राबताया जाता है कि गिरफ्तार DSP पंकज मिश्रा रीवा के रहने वाले हैं और MPPSC 2015 बैच के अधिकारी हैं. पुलिस सेवा में आने से पहले वह सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. इंजीनियर रहते हुए ही उन्होंने MPPSC की तैयारी की और परीक्षा में टॉप कर पुलिस विभाग में DSP के पद पर पदस्थ हुए. सेवा के दौरान वह एक समय तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा में भी तैनात रहे. इसके अलावा वे जबलपुर में CSP भी रहे और बाद में बालाघाट हॉक फोर्स में DSP पद संभाल रहे थे.

अपनी सफाई में क्या बोले पंकज मिश्रा?

DSP पंकज मिश्रा ने अपनी सफाई में बयान दिया था कि 8 अक्टूबर की रात उन्हें जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी ने फोन पर बड़ी हवाला रकम सिवनी की ओर जाते होने की सूचना दी थी. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया था कि वह बालाघाट में हैं, न कि सिवनी में. तब आरक्षक ने कहा था कि सर आप ही यह जानकारी वहां तक पहुंचा दीजिए. उन्होंने यह भी कहा कि प्रमोद सोनी के कहने पर उन्होंने SDOP पूजा पांडे को सूचना दी. बाद में चेकिंग के दौरान जब कार से कैश बरामद नहीं हुआ, तब कई बार उनसे बातचीत हुई. इस दौरान उन्होंने जब आरक्षक से बातचीत की, तब आरक्षक ने बताया कि गाड़ी की अच्छे से चेकिंग करने पर पैसा बरामद हो जाएगा.

कैसे सिवनी पुलिस को मिली थी हवाला रकम की ट्रिप?जांच में सामने आया कि हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी को करीब तीन करोड़ रुपए की हवाला राशि कटनी से महाराष्ट्र के जालना की ओर भेजे जाने की जानकारी मिली थी. उसने यह सूचना अपने संपर्क में मौजूद जबलपुर क्राइम ब्रांच के प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी को दी. प्रमोद सोनी ने यह जानकारी आगे DSP पंकज मिश्रा तक पहुंचाई. फिर पंकज मिश्रा ने यह सूचना SDOP पूजा पांडे तक पहुंचाई. इसी दौरान जांच में यह भी सामने आया कि SDOP पूजा पांडे के जीजा वीरेंद्र दीक्षित भी हवाला कारोबारियों के संपर्क में आ चुके थे. रिश्तेदारी का लाभ लेते हुए पूरी जानकारी का दायरा बढ़ा और फिर हवाला रकम को लूटने की साजिश तैयार की गई.

बताया जा रहा है कि लूटी गई रकम जीजा के हवाले से ठिकाने लगाई जानी थी, लेकिन इससे पहले इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया. इस सूचना का गलत फायदा उठाते हुए पुलिसकर्मियों और हवाला कारोबारियों की मिलीभगत से 8-9 अक्टूबर की रात 3 करोड़ रुपए की हवाला रकम लूटने की साजिश का खाका तैयार किया गया. पुलिस की वर्दी और अधिकार का दुरुपयोग करते हुए देर रात हवाला की रकम को लूटने का प्लान बनाया गया था, लेकिन SIT को मिली गोपनीय जानकारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया.

अब इन 4 लोगों की हुई गिरफ्तारीइससे पहले ही SDOP पूजा पांडे और 11 पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए जा चुके थे और अब चार और गिरफ्तारियां हुई हैं, जिनमें बालाघाट हॉक फोर्स में पदस्थ DSP पंकज मिश्रा, जबलपुर क्राइम ब्रांच में पदस्थ प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी, हवाला कारोबारी वीरेंद्र दीक्षित, जो SDOP पूजा पांडे के जीजा हैं. इन सभी पर हवाला रकम की जानकारी देने और साजिश रचने का आरोप है.

कटनी से जलाना जा रही थी हवाला की रकमदरअसल, कटनी से महाराष्ट्र के जालना जा रही एक कार एमएच 13 ईके 3430 में जालना निवासी सोहनलाल परमार करीब 2.96 करोड़ लेकर जा रहा था. रास्ते में बंडोल थाना पुलिस ने रात करीब तीन बजे के बीच वाहन को रोक लिया. पुलिस ने कार सवारों को पास के जंगल में ले जाकर पूछताछ की. रकम जब्त कर ली और मारपीट के बाद उन्हें छोड़ दिया. अगली सुबह पीड़ित पक्ष ने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. शुरुआत में SDOP पूजा पांडे ने लूट की बात से इनकार किया, लेकिन मामले के बढ़ने पर DIG राकेश कुमार सिंह ने जांच के आदेश दिए. जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं.

DGP कैलाश मकवाना ने खुद लिया था संज्ञानजबलपुर जोन के IG प्रमोद वर्मा ने अनुशासनहीनता और लापरवाही के चलते 9 पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया. बाद में DGP कैलाश मकवाना ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए और मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया. SIT और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक कुल 1 करोड़ 45 लाख रुपए पुलिसकर्मियों से और 1 करोड़ 20 लाख रुपए हवाला कारोबारियों से बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन 25 लख रुपए की रकम अभी गायब है. यह रकम जब्त करना SIT के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है.

IG प्रमोद वर्मा ने क्या कहा?वहीं पूरे मामले में जबलपुर जोन के IG प्रमोद वर्मा ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिन भी लोगों के खिलाफ सबूत मिले हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है. चाहे पुलिस अधिकारी हों या कोई व्यापारी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. विभाग की छवि खराब करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी. जल्द ही इस पूरे मामले में और भी गिरफ्तारियां होंगी.

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