‘प्रिंसिपल सर मुझे बैड टच करते थे …छत्तीसगढ़ में 9वीं कक्षा की छात्रा ने की खुदकुशी !
‘प्रिंसिपल सर मुझे बैड टच करते थे…’, छत्तीसगढ़ में 9वीं कक्षा की छात्रा ने की खुदकुशी, रुला देगा ये सुसाइड नोट
छत्तीसगढ़ के जशपुर में 9वीं क्लास में पढ़ने वाली प्राइवेट स्कूल की छात्रा ने प्रिंसिपल की हरकतों से तंग आकर जान दे दी. हॉस्टल से उसका शव बरामद हुआ है. लाश देख साथी छात्रा की चीख निकल पड़ी. पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है.
जशपुर जिले के पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया- छात्रा की आत्महत्या करने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम को रवाना किया गया. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल से छात्रा की लाश बरामद की. लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. छात्रा ने साड़ी से फांसी लगाकर जान दी थी.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीम ने स्टूडेंट की लाश के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया. इसमें स्कूल के प्रिंसिपल पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है. पिंसिपल से पूछताछ की जा रही है. सुसाइड नोट में ‘बैड टच’ लिखा हुआ था. छात्रा सरगुजा जिले की रहने वाली थी. घटना के बाद एजुकेशन और ट्राइबल विभाग के अधिकारियों की एक जॉइंट टीम ने भी जांच की.
लाश देख साथी छात्रा की निकली चीख
जानकारी के मुताबिक, छात्रा स्कूल परिसर में ही प्रिंसिपल की ओर से चलाए जा रहे हॉस्टल में रहती थी. रविवार की शाम हॉस्टल की लड़कियां मौदान में खेल रहीं थीं. इस दौरान करीब 7 बजे छात्रा ने अपने कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली. कुछ देर बाद कमरे में रहने वाली दूसरी छात्रा पहुंची तो उसने छात्रा का शव लटका देखा. वह डर गई. वह भाग कर नीचे पहुंची और एक टीचर को घटना की जानकारी दी.
कमरे से मिला छात्रा का सुसाइड नोट
टीचर और अन्य लोग कमरे में पहुंचे. उन्होंने छात्रा को फंदे से उतारा और फौरन अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां डॉक्टरों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना बगीचा थाना को सूचना दी. पुलिस स्कूल पहुंची और हॉस्टल के कमरे को लॉक कर दिया. सोमवार सुबह कमरा खोला गया. कमरे की जांच करने पर सुसाइड नोट बरामद हुआ.
बिना अनुमति के चलाया जा रहा है स्कूल
नोट में छात्रा ने स्कूल के प्राचार्य कुलदीप टोपनो पर बैड टच करने की बात लिखी थी. नोट में लिखा था कि प्रिंसिपल सर मुझे बैड टच करते थे. वो मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे. इसके अलावा नोट में इस बात का भी जिक्र था कि प्रिंसिपल स्कूल की अन्य छात्राओं को भी अपनी प्रताड़ना का शिकार बना रहे हैं. गोवासी गांव में चल रहा निजी स्कूल का छात्रावास पिछले दो साल से बिना अनुमति के ही चलाया जा रहा है. आदिवासी विकास विभाग के सहायक संचालक संजय सिंह ने बताया कि हॉस्टल चलाने के लिए विभाग से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई है. प्रशासन के अनुसार अन्य मामलों के साथ इस मामले में भी नियमों के अनुसार स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

