1266 करोड़ के बैंक फ्रॉड ?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एडवांटेज ओवरसीज प्रा. लि. (एओपीएल) और इसके प्रमोटर श्रीकांत भसी से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मप्र, महाराष्ट्र और केरल में स्थित 111.32 करोड़ रुपए की घरेलू अचल संपत्तियां अटैच कर दी हैं।
यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, शाहपुरा ब्रांच, भोपाल को हुए 1266.63 करोड़ रुपए के वित्तीय नुकसान से जुड़ा है। ईडी के अनुसार, एओपीएल और इसकी सहयोगी कंपनियों ने फर्जी मर्चेंटिंग ट्रेड, सर्कुलर ट्रेडिंग, दस्तावेजों की जालसाजी और बैंक फंड्स डायवर्जन के जरिए यह भारी नुकसान पहुंचाया।
रिकॉर्ड में दूसरे… पर कंपनी का संचालन भसी के हाथ: जांच में सामने आया है कि एएमजी समूह की कई कंपनियां, जैसे- एएमजी ग्रुप इकाइयां, कमर्शियल एम्पलीट्यूड प्रा. लि., एएमजी मैनेजमेंट सर्विसेज प्रा. लि. और अन्य नामी व बेनामी इकाइयां हैं। कागजों पर कर्मचारियों, रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम थीं, लेकिन इनका नियंत्रण श्रीकांत भसी के पास ही था।
कई अहम प्रबंधन कर्मचारियों के बयान इस बात की पुष्टि करते हैं।
करीबियों के नाम खरीदी संपत्ति
1 अगस्त 2025 की कार्रवाई में ईडी को मिले अहम डिजिटल व दस्तावेजी सबूतों से खुलासा हुआ कि अवैध कमाई को कई स्तरों में घुमाकर रिश्तेदारों और करीबी लोगों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं। इसका उद्देश्य मनी ट्रेल और असली स्रोत छिपाना था।
13 दिन पहले दुबई की 51.70 करोड़ की संपत्तियां हुई अटैच
ईडी ने इस मामले में पहले 17 नवंबर 2025 को दुबई में स्थित 9 विदेशी संपत्तियां अटैच की थीं, जिनकी कीमत लगभग 51.70 करोड़ रुपए आंकी गई। अब तक कुल अटैचमेंट 163.02 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। ईडी की जांच इस वित्तीय धोखाधड़ी मामले में जारी है।

