पॉयलटों की ज्यादा घंटों की उड़ान खतरनाक?
Indigo Flight: पॉयलटों की ज्यादा घंटों की उड़ान खतरनाक? डॉ. ने कहा दिमाग पर असर से बढ़ती है एक्सीडेंट की आशंका
Indigo Flight Cancellation Fdtl Rules: देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की 2000 से अधिक फ्लाइट्स रद्द होने या लेट होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को लागू करने के बाद सामने आई है। नए नियम लागू होने के बाद यह पहला महीना है जब एयरलाइंस को नए नियमों के हिसाब से काम करना पड़ रहा है। इन नियमों में पायलटों के वर्किंग आवर (काम के घंटों) को घटाने के लिए कहा गया है।
भले ही इन बदलावों से एयरपोर्ट्स पर अव्यवस्था फैली है, लेकिन न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने इस समस्या का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक पक्ष उजागर किया है। डॉ. कुमार के अनुसार ये नए नियम न केवल पायलटों के लिए, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बहुत अच्छे हैं।
पायलट अलग-अलग टाइम जोन में और इंटेश कागनेटिव लोड में काम करते हैं। उनका मस्तिष्क लगातार दबाव में रहता है। डॉ. कुमार स्पष्ट करते हैं कि पायलटों की लंबी ड्यूटी और क्रॉनिक नींद की कमी सीधे तौर पर दुर्घटना के जोखिम को कई गुना बढ़ाती है, और इस नियम का सख्ती से पालन होना ही दीर्घकालिक उड़ान सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
क्रॉनिक नींद की कमी और मस्तिष्क पर असर
डॉ. सुधीर कुमार इस बात पर जोर देते हैं कि लंबे समय तक नींद की कमी सिर्फ थकान पैदा नहीं करती, बल्कि यह सीधे तौर पर दिमाग के महत्वपूर्ण कार्यों को बाधित करती है। अटेंशन (ध्यान), रिएक्शन टाइम, निर्णय लेने की क्षमता, और भावनात्मक नियंत्रण ये वे सभी कार्य हैं जिन पर एक पायलट कॉकपिट में हर सेकंड निर्भर रहता है।
डॉ. कुमार स्पष्ट करते हैं कि नींद के कमी से मस्तिष्क ठीक वैसे ही व्यवहार करता है जैसे नशे में धुत मस्तिष्क हो। और यात्री बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि उनका विमान कोई ऐसा व्यक्ति उड़ा रहा हो, जिसका मस्तिष्क नशे में धुत व्यक्ति की तरह काम कर रहा हो।
दुर्घटना का बढ़ता जोखिम
पायलटों में नींद की कमी के कारण ह्यूमन एरर की संभावना तेजी से बढ़ जाती है। उड़ान की शुरुआत, लैंडिंग या किसी आपातकालीन स्थिति में, एक सेकंड का विलंबित रिएक्शन टाइम भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
FDTL नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि पायलट अपने काम के दौरान सतर्क रहें। यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है कि अच्छी तरह से आराम किया हुआ पायलट, हर स्थिति में तेज और सटीक निर्णय लेने में सक्षम होता है।
नए नियम क्यों जरूरी और फायदेमंद हैं?
नए FDTL दिशानिर्देश कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करते हैं। इनमें साप्ताहिक आराम की अवधि बढ़ाना, रात की ड्यूटी के बाद रिकवरी का समय बढ़ाना और रात के समय होने वाली लैंडिंग की संख्या को कम करना शामिल है। ये सभी उपाय पायलटों को शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक स्थिर और स्वस्थ बनाते हैं।

डॉ. कुमार के मुताबिक भले ही इन नए नियमों के कारण यात्रियों को अस्थायी असुविधा हो रही हो, लेकिन ये नियम दीर्घकालिक उड़ान सुरक्षा में महत्वपूर्ण सुधार हैं। एक अच्छी तरह से आराम किया हुआ पायलट एक सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करता है।नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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