जेपी ग्रुप घोटाला… 400 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त !!!!
जेपी ग्रुप घोटाला: ED का बड़ा एक्शन, 400 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
ईडी ने जेपी ग्रुप घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 400 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई 25 हजार से अधिक घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े धन को छिपाने के आरोप में की गई है। जेपी ग्रुप के मालिक मनोज गौड़ पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने पाया कि खरीदारों से मिली रकम को जयप्रकाश सेवा संस्था और पेज3 बिल्डटेक जैसी कंपनियों में डायवर्ट किया गया था।

- ईडी ने जेपी ग्रुप की 400 करोड़ की संपत्ति जब्त की।
- 25 हजार से अधिक घर खरीदारों से धोखाधड़ी का मामला।
- जेपी ग्रुप मालिक मनोज गौड़ पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
नई दिल्ली। जेपी ग्रुप घोटाले से जुड़ी 400 करोड़ रुपये की संपत्ति को ईडी ने जब्त कर लिया है। ईडी के अनुसार जेपी इंफ्राटेक और जयप्रकाश एसोसिएट्स में 25 हजार से अधिक घर खरीददारों के साथ घोखाखड़ी से कमाए गए धन को जयप्रकाश सेवा संस्था और पेज3 बिल्डटेक में छुपाया गया था।
ईडी इस मामले में पहले ही जेपी ग्रुप के मालिक मनोज गौड़ को गिरफ्तार कर चुकी है और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में जेल में है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जेपी ग्रुप ने खुद एनसीएलटी में स्वीकार किया है कि 25 हजार घर खरीददारों से 14,599 करोड़ रुपये जमा किये थे।
मनोज गौड़ खुद जेपी सेवा संस्था को मैनेजिंग ट्रस्टी है। घर खरीददारों से मिली रकम को इसमें डायवर्ट किया गया था। इसी तरह से हनी कात्याल की कंपनी पेज3 बिल्डटेक में भी पैसे ट्रांसफर किये जाने के सबूत मिले हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर ईडी ने जेपी सेवा संस्था और पेज3 बिल्डटेक की 400 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है।
घर खरीददारों से धोखाधड़ी के आरोप में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में जेपी ग्रुप के खिलाफ कई एफआइआर दर्ज हैं। इसे आधार बनाते हुए ईडी ने पिछले साल जेपी ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
पिछले साल 23 मई को ईडी ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मुंबई में 15 स्थानों पर छापा मारा था, जिनमें जयप्रकाश एसोसिएट्स और जेपी इंफ्राटेक के आफिस भी शामिल थे। उसके बाद ईडी ने मनोज गौड़ से पूछताछ शुरू की और संतोषजनक जवाब नहीं देने और घोटाले को ठोस सबूत मिलने के बाद उसे 13 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया।

