क्या हकीकत छिपा रहा….20 की जान गई, मुआवजा 18 को…सरकारी आंकड़े 4 पर सीमित क्यों?
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों की संख्या 18 से बढ़कर 20 हो गई है। सरकार ने हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में सिर्फ चार मौतें होना माना है, जबकि 18 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की सहायता दी जा चुकी है।
प्रशासन ने परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई गई सूची में बुधवार को दो नए नाम जोड़े हैं। इनमें रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु खुपराव शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि दूषित पानी से भले ही 6 लोगों की मौत हुई है, लेकिन जहां भी मौत की सूचना मिल रही है, वहां क्रॉस चेक कर आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इधर, जिस जगह ड्रेनेज लाइन का काम हुआ था, वहां बुधवार को नर्मदा लाइन चालू होते ही पानी लीक होकर कॉलोनी में भरने लगा। दुकानों में पानी घुस गया। पानी लीक होने के चलते नर्मदा लाइन को दोबारा बंद कर दिया गया। देर शाम मरम्मत के बाद मिट्टी डालकर जगह को समतल कर दिया गया।
सीएम बोले- हम आंकड़ों में नहीं पड़ रहे हैं
इंदौर में मौत के आंकड़ों और जिन्हें मुआवजा दिया गया है, उनकी संख्या में अंतर को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे लिए एक भी व्यक्ति की जान जाना कष्टदायक है। हम इसके आंकड़े में नहीं पड़ रहे हैं। ये अलग बात है कि प्रशासन की नजर में उनका अपना तरीका होता है। प्रशासन ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मृतकों की संख्या तय की है, लेकिन यह फाइनल नहीं है।
सीएम यादव ने बुधवार को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में कहा- नगर निगम के माध्यम से भी मृत्यु-पंजीयन होता है। जो भी संख्या सामने आएगी, राज्य सरकार संबंधितों के परिजन को राहत राशि देने का काम करेगी। सरकार हर पल प्रभावितों के साथ है।


भागीरथपुरा में लोग टैंकर के पानी पर निर्भर
बुधवार सुबह से दोपहर 2 बजे तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 18 मरीज डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे थे। इनमें से 6 को अस्पताल रेफर किया गया है। इससे पहले आईसीयू में 16 मरीजों के भर्ती होने की जानकारी सामने आई थी। इनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं।
भागीरथपुरा में इतनी मौतों के बाद लोग डरे-सहमे हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने बोरिंग का यूज बंद कर दिया है। स्थानीय रहवासी टैंकरों और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। अब तक 429 लोग अस्पतालों में भर्ती हुए थे, जिनमें से मंगलवार शाम तक 330 डिस्चार्ज हो चुके हैं। बुधवार को 6 मरीज और भर्ती हुए हैं, यानी अब 105 मरीज ही एडमिट हैं।
बुधवार शाम को महिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में एकसाथ प्रदर्शन करेगी। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक साथ कैंडल मार्च निकालेंगे।

कलेक्टर बोले- दोबारा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेंगे
कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को भी भागीरथपुरा क्षेत्र की बस्तियों और कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवरेज और नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज सुधार के कामों का जायजा लिया और दिशा निर्देश दिए। स्थानीय रहवासियों से भी वाटर सप्लाई को लेकर जानकारी ली गई।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि अभी पानी सप्लाई के साथ पाइपलाइन की टेस्टिंग की जा रही है। इसके बाद दोबारा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।

दो दिन में 5013 घरों तक पहुंचीं हेल्थ टीम
सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी के मुताबिक 61 टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में नर्सिंग ऑफिसर, सीएचओ, आशा और एएनएम शामिल हैं। जिन्होंने घरों में रियल टाइम सर्वे किया है। दो दिन में ये टीमें 5013 घरों तक पहुंची हैं। 24786 लोगों से संपर्क कर उन्हें उचित परामर्श दिया है। वहीं, प्रत्येक घर में दवाइयां और एक क्लिनवेट ड्रॉप भी बांटे हैं।

कोर्ट ने कहा- शहर पूरे देश में चर्चा का विषय बना
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मंगलवार को दूषित पेयजल से जुड़े मामले में 5 याचिकाओं की एक साथ सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा- इस घटना ने इंदौर शहर की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर अब दूषित पानी की वजह से पूरे भारत में चर्चा का विषय बन गया है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में स्वच्छ पानी जनता का मौलिक अधिकार है और इससे किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो दोषी अधिकारियों पर सिविल और क्रिमिनल लायबिलिटी भी तय की जाएगी। साथ ही संकेत दिए कि अगर पीड़ितों को मुआवजा कम मिला है तो उस पर भी अदालत उचित निर्देश जारी करेगी।
पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष पहुंचे भागीरथपुरा

उधर, मंगलवार दोपहर करीब एक बजे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता भागीरथपुरा पहुंचे थे। यहां पहले से बड़ी संख्या में पुलिस बल, वज्र वाहन सहित तैनात था। भागीरथपुरा में घुसने वाले सभी रास्तों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया था।
दूषित पानी से जान गंवाने वाले लोगों के परिजन से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेताओं की पुलिस अधिकारियों से बहस हो गई। बाद में दूसरे रास्ते से कांग्रेसी अंदर पहुंचे। मृतक अशोक लाल पवार, जीवन लाल और गीता बाई के घर गए। परिजन से चर्चा की। इसके बाद करीब 3 बजे भागीरथपुरा से लौट गए।
यहां पटवारी ने इंदौर का प्रभारी मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से इस्तीफा भी मांगा।

