मध्य प्रदेश

शहर की विकास एजेंसी के हाल देखिए..1000 करोड़ के प्रोजेक्ट चल रहे,…इनकी देखरेख के लिए 106 इंजीनियर चाहिए, हैं सिर्फ 30

शहर की विकास एजेंसी के हाल देखिए..!
1000 करोड़ के प्रोजेक्ट चल रहे, 2000 करोड़ के शुरू होना हैं, इनकी देखरेख के लिए 106 इंजीनियर चाहिए, हैं सिर्फ 30
  • तीन साल में सरकार को 12 बार पत्र लिख चुके, फिर भी अनदेखी; आईडीए में योजना, तकनीकी व संपदा शाखा में आमजन के काम भी प्रभावित

शहर की विकास एजेंसी आईडीए के हाल इन दिनों ठीक नहीं हैं। 1000 करोड़ के प्रोजेक्ट चल रहे हैं और 2000 करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू होना हैं, लेकिन इनकी देखरेख के लिए पर्याप्त इंजीनियर ही नहीं हैं। आईडीए को 106 इंजीनियर चाहिए, लेकिन हैं सिर्फ 30। तीन साल में सरकार को 12 बार पत्र लिख चुके, फिर भी समाधान नहीं हुआ। अब आईडीए में 386 अफसर, इंजीनियर, बाबुओं के स्वीकृत अमले में से मात्र 124 कर्मचारी बचे हैं।

कर्मचारियों की कमी के चलते आईडीए में योजना, तकनीकी और संपदा विभाग के कामकाज प्रभावित होने लगे हैं। लीज नवीनीकरण व प्रॉपर्टी फ्री होल्ड के सैकड़ों मामले अटके हैं। इनके लिए लोगों को लगातार चक्कर लगाना पड़ रहा है।

वहीं आईडीए विकास कार्यों की योजनाएं बनाने में भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। 1995 के बाद की 20 से ज्यादा योजनाओं को 30 साल हो चुके हैं। अफसरों का कहना है, अब लीज के काम और बढ़ेंगे। विकल्प के तौर पर इसे ऑनलाइन कर रहे हैं। इसके बाद भी एनओसी, नपती, कब्जे आदि काम के लिए भी कर्मचारी नहीं बचे हैं।

वर्तमान काम तो प्रभावित हो रहे हैं, नए प्रोजेक्ट शुरू करने में भी देरी होगी

आईडीए में कर्मचारियों की कमी है। खास कर तकनीकी स्तर पर इंजीनियर्स के सेवानिवृत्त होने से परेशानी आ रही है। वर्तमान काम तो प्रभावित हो रहे हैं, नए प्रोजेक्ट शुरू करने में भी देरी होगी। समस्या से सरकार को अवगत कराया है। उच्च स्तर के पद शासन स्तर से ही भरे जाना हैं। अन्य पदों पर संविदा के नियमों को बोर्ड में लाकर प्रयास करेंगे। – डॉ.  सीईओ, आईडीए

सबसे ज्यादा असर सड़कों और फ्लायओवर प्रोजेक्ट पर

  • लवकुश चौराहे पर डबल डेकर ब्रिज बन रहा। लागत 147 करोड़। इसके बनने से इंदौर-उज्जैन रोड पर हर दिन 1 लाख से ज्यादा वाहनों की राह आसान होगी।
  • बायपास, सुपर कॉरिडोर और उज्जैन रोड पर 7 टीपीएस प्रस्तावित हैं। इनमें 3300 करोड़ के काम होना हैं। लगभग 600 करोड़ से ज्यादा के काम चल रहे।
  • एमआर-11 व एमआर-12 निर्माण का काम 195 करोड़ की लागत से जारी है। आरई-2, मास्टर प्लान की कनेक्टिंग सड़कों पर भी असर पड़ रहा।
  • सुपर कॉरिडोर पर पानी की टंकी सहित 60 करोड़ के कार्य भी प्रभावित हो रहे।
  • एमआर-10 पर आईएसबीटी के समीप फोर लेन फ्लायओवर का कार्य करीब 42 करोड़ रुपए की लागत से। इस पर भी असर पड़ रहा है।
  • बड़ा गणपति पर फ्लायओवर का काम अभी शुरू नहीं हो सका। लागत 28 करोड़।
  • दशहरा मैदान के पास 54 करोड़ से बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम।

योजनाएं जो शुरू होना हैं :

  • सुपर कॉरिडोर पर 25 एकड़ में कन्वेंशन सेंटर और 20 एकड़ में स्टार्टअप पार्क।
  • स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्टेडियम, ओपन थिएटर व कंसर्ट एरिना आदि की योजना।
  • एमआर-12 पर कैलोद हाला रेलवे क्रॉसिंग पर थ्री लेन फ्लायओवर।
  • विजय नगर में मल्टी परपज कमर्शियल सेंटर।

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