मध्य प्रदेश

माफियाओं की खुशामद करती नजर आई MP पुलिस !!!

बिलौआ गोलीकांड के अपराधियों को VIP ट्रीटमेंट, काली स्कॉर्पियो से मेडिकल कराने ले गई पुलिस, दारोगा बोले- सरकारी गाड़ी उपलब्ध नहीं थी

 सरकारी गाड़ी की जगह लक्ज़री ब्लैक स्कॉर्पियो कार बुक कर डबरा मेडिकल के लिए आरोपी को लेकर पहुंची पुलिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं. अवैध गिट्टी खदान में ताबड़तोड़ फायरिंग के आरोपी को थाने की पुलिस द्वारा अपने पैसों से नाश्ता भी कराया गया.  बिलौआ में खदान संचालन को लेकर हुई गोलीबारी में पुलिस आरोपितों को काली स्कॉर्पियो में बैठाकर मेडिकल कराने सरकारी अस्पताल पहुंची। इसे लेकर बिलौआ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  1. वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित
  2. समर्थकों ने एक-दूसरे पर फायरिंग की थी
  3. चर्चा है कि आरोपितों की ही गाड़ी थी

 ग्वालियर। बिलौआ में खदान संचालन को लेकर हुई गोलीबारी में पुलिस आरोपितों को काली स्कॉर्पियो में बैठाकर मेडिकल कराने सरकारी अस्पताल पहुंची। इसे लेकर बिलौआ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जब इस संबंध में मेडिकल कराने पहुंचे दारोगा राजवीर सिंह यादव से बात की गई तो बोले- सरकारी गाड़ी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए किराये की गाड़ी से आरोपितों को लेकर गए थे।

जब उनसे किराया और गाड़ी किराये पर देने वाली एजेंसी का नाम पूछा तो चुप्पी साध गए। एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहा है।

समर्थकों ने एक-दूसरे पर फायरिंग की थी

बिलौआ में खदान संचालन को लेकर शनिवार दोपहर संदीप शर्मा और माेहित शर्मा में आमने-सामने गोलियां चली थी। इनके समर्थकों ने एक-दूसरे पर फायरिंग की थी। पहले खदान के अंदर फिर सड़क पर गोलीबारी हुई। इस मामले में पुलिस अब तक छह आरोपित पकड़ चुकी है। जिसमें संदीप शर्मा, रोशन शर्मा, गौरव शर्मा, नीतेश शर्मा, आशु पाराशर, मोहित शर्मा को गिरफ्तार किया है।

अपराधियों का मेडिकल होना था

गौरव और मोहित को पुलिस काली स्कार्पियो एमपी07 जेडएल 8924 में बैठाकर सरकारी अस्पताल ले गई। यहां अपराधियों का मेडिकल होना था। यह गाड़ी पुलिस की नहीं बल्कि निजी थी। इसे लेकर पुलिस पर आरोपितों को वीवीआइपी ट्रीटमेंट देने के आरोप लग रहे हैं।

दारोगा बोले- किराये पर ली गाड़ी

दारोगा राजवीर सिंह यादव आरोपितों को काली रंग की स्कार्पियो से ले गए थे। उनके साथ अन्य पुलिसकर्मी भी थे। जब उनसे यह सवाल किया गया तो बोले कि सरकारी गाड़ी उपलब्ध न होने पर किराये की गाड़ी ली गई है। टैक्सी कोटे की गाड़ी पर पीले रंग की नंबर प्लेट होती है। इस पर सामान्य नंबर प्लेट थी।

चर्चा यह भी….आरोपितों की ही गाड़ी

इस मामले में यह भी चर्चा है कि आरोपितों की ही गाड़ी है। जिससे इन्हें ले जाया गया। इसकी तथ्य की पुष्टि agritpatrika नहीं करता।

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माफियाओं की खुशामद करती नजर आई MP पुलिस, अपराधियों को VVIP ट्रीटमेंट देते कैमरे में कैद हुए अधिकारी

Gwalior Police: सरकारी गाड़ी की जगह लक्ज़री ब्लैक स्कॉर्पियो कार बुक कर डबरा मेडिकल के लिए आरोपी को लेकर पहुंची पुलिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं. अवैध गिट्टी खदान में ताबड़तोड़ फायरिंग के आरोपी को थाने की पुलिस द्वारा अपने पैसों से नाश्ता भी कराया गया. 

Appeasing Goons: ग्वालियर जिले में अपराधियों की बल्ले-बल्ले हैं, जिन्हें गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिल रही है. जी हां, यह सच्चाई बुधवार को तब सामने आई जब अवैध गिट्टी खदान में हुई फायरिंग केस में पकड़े गए एक आरोपी को मेडिकल के लिए अस्पताल लेकर गई पुलिस उनकी खुशामद करती नजर आई.

सरकारी गाड़ी की जगह लक्ज़री ब्लैक स्कॉर्पियो कार बुक कर डबरा मेडिकल के लिए आरोपी को लेकर पहुंची पुलिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं. अवैध गिट्टी खदान में ताबड़तोड़ फायरिंग के आरोपी को थाने की पुलिस द्वारा अपने पैसों से नाश्ता भी कराया गया. 

अवैध गिट्टी खदान पर हुई फायरिंग में गिरफ्तार हुआ था आरोपी

रिपोर्ट के मुताबिक बिलोआ थाना क्षेत्र में अवैध गिट्टी खदान पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी का मेडिकल कराने के लिए स्थानीय पुलिस उसे एक लग्जरी गाड़ी स्कॉर्पियों में लेकर पहुंची थी. अपराधियों को वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिलने का चौँकाने वाला नजारा, जिसने भी देखा उसकी आंखें फटी की फटी रह गई.

एक अपराधी के लिए थाने की पुलिस ने लग्जरी कार बुक किया

आरोप है कि खदान क्षेत्र में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले शख्स को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया. शासकीय गाड़ी के बजाय स्कॉर्पियो कार में पुलिस उसे मेडिकल के लिए लेकर गई, जबकि सामान्य केस में पुलिस शासकीय गाड़ी का इस्तेमाल करती है, लेकिन अपराधी को लग्जरी ट्रीट दिया..

दहशत फैलाने वाले के आरोप में गिरफ्तार आरोपी के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई से पहले पुलिस अपराधी का मेडिकल करवाती है, जिसके लिए पुलिस शासकीय गाड़ी का इस्तेमाल करती है, लेकिन इस केस में पुलिस ने इसका पालन नहीं किया, जिसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है.

अपराधियों के प्रति पुलिस के रवैये को लेकर उठ रहे हैं सवाल

उल्लेखनीय है बिलौआ थाने की पुलिस द्वारा अपराधियों को दिए गए वीवीआईपी ट्रीटमेंट पर सवाल लाजिमी है. अपराधियों की खुशामद करती पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठाना भी सही है. आरोपियों को मिली विशेष सुविधा, मेडिकल के लिए प्राइवेट गाड़ी के उपयोग ने पुलिस पर प्रश्नचिन्ह जरूर लगा दिया है

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