सोम डिस्टलरीज के लाइसेंस सस्पेंड…फैक्ट्री का गोडाउन सील !!!!
रायसेन जिले की सोम डिस्टलरीज की सेहत गंज और रोजराचक स्थित यूनिट के लाइसेंस बुधवार को निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई जाली परमिट और फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिए दमन-दीव तक अवैध शराब परिवहन के मामले में की गई है। आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) की राय के बाद यह कदम उठाया।
बुधवार देर रात तक सहायक आयुक्त आबकारी अधिकारी दीपक अवस्थी सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। इस दौरान दोनों फैक्ट्रियों के गोदाम सील कर दिए गए। निलंबन का आदेश बुधवार रात जारी किया गया।
पहले भी कंपनी अवैध परविहन का हुआ था खुलासा
इससे पहले, देपालपुर, जिला इंदौर के अपर सत्र न्यायाधीश (एडिशनल सेशन जज) ने 23 दिसंबर 2023 को कंपनी के प्रतिनिधियों और निदेशकों (डायरेक्टर) को जेल और अर्थदंड की सजा सुनाई थी। तब भी जांच में जाली दस्तावेजों के माध्यम से दीव तक अवैध परिवहन का खुलासा हुआ था।
आरोपियों ने इस सजा के खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में अपील की है। न्यायालय ने जेल की सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई है, लेकिन दोषी बरकरार है। महाधिवक्ता के अनुसार, दोषसिद्धि प्रभावी होने के कारण मप्र आबकारी एक्ट की धारा 31 के तहत लाइसेंस निलंबन लीगल है।
दोनों यूनिट ने नहीं दिया संतोषजनक जवाब
आबकारी आयुक्त ने यूनिट द्वारा प्रस्तुत जवाब को असंतोषजनक पाया है। आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन के आधार पर संबंधित लाइसेंसों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, लाइसेंसधारी अपने कर्मचारियों द्वारा किए गए अपराधों के लिए स्वयं जिम्मेदार होगा।
इस मामले में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। संलिप्तता पाए जाने पर पिछले वर्ष सितंबर में आबकारी उपनिरीक्षक प्रीति गायकवाड़ को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके अलावा, अन्य सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं।

