दिल्ली

राहुल गांधी के ‘माल’ शब्द से भड़कीं कंगना !!

राहुल गांधी के ‘माल’ शब्द से भड़कीं कंगना, कहा- जिनकी भ्रष्ट बुद्धि हो, उनसे क्या सोचें

कंगना रनौत ने कहा, “राहुल गांधी ने कहा कि इसमें अभी और ‘माल’ है इसमें और ‘कबाब’ है. आप सोच सकते हैं कि जिस इंसान की इतनी नीच सोच हो सकती है, इतनी खराब और भ्रष्ट बुद्धि हो सकती है उस शख्स आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं?”

राहुल गांधी के 'माल' शब्द से भड़कीं कंगना, कहा- जिनकी भ्रष्ट बुद्धि हो, उनसे क्या सोचें

राहुल गांधी पर बरसीं सांसद कंगना

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चीन के सीमा विवाद और अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं. ट्रेड डील और एपस्टीन फाइल्स को लेकर राहुल ने संसद परिसर में कहा था कि एपस्टीन फाइल्स में अभी और माल है, जिसे अभी तक जारी नहीं किया गया है. उनके इसी माल शब्द को लेकर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने निशान साधते हुए कहा कि जिस इंसान की इतनी भ्रष्ट बुद्धि हो, उनसे क्या सोच सकते हैं.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने आज गुरुवार को राहुल गांधी के माल वाले बयान पर कहा, “उनकी जो शब्दावली है. उन्होंने जिस तरह से एपस्टीन फाइलों के बारे में भी कहा. इस फाइल्स में बच्चियों और महिलाओं के शोषण और मारपीट का जिक्र है, इस बारे में उन्होंने कहा कि इसमें अभी और ‘माल’ है इसमें और ‘कबाब’ है. आप सोच सकते हैं कि जिस इंसान की इतनी नीच सोच हो सकती है, इतनी खराब और भ्रष्ट बुद्धि हो सकती है उस शख्स आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं?”

राहुल गांधी ने क्या कहा थाइससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से मंगलवार को लोकसभा में पूर्व सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे की किताब का जिक्र करने और चीन सीमा विवाद पर इसका रिफरेंस लिए जाने को लेकर हंगामा हो गया और वह अपना भाषण नहीं दे सके थे. सोमवार को भी इसी वजह से राहुल अपना भाषण नहीं दे पाए.

संसद परिसर से बाहर आते हुए अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा था कि उन्हें कॉम्प्रोमाइज़्ड कर दिया गया है.

पीएम मोदी कॉम्प्रोमाइज़्डः राहुलडील के पीछे प्रेशर डाले जाने से जुड़े सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, “एक अडानी के खिलाफ अमेरिका में एक केस है, वह असल में पीएम मोदी जी पर केस है. दूसरा है, एपस्टीन फाइल्स. इस फाइल्स में और भी बहुत माल है और वह अभी रिलीज नहीं हुआ है. इसीलिए एपस्टीन फाइल्स में जो है, जिसे पूरा देश जानना चाहता और उसे अमेरिका ने अभी तक जारी नहीं किया है. इसी वजह से भी उन पर दबाव है. ये दो प्रेशर पॉइंट्स हैं और देश को यह समझना होगा कि पीएम मोदी कॉम्प्रोमाइज़्ड हैं.”

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