जम्मू और कश्मीरदिल्ली

IIT रुड़की का अलर्ट- खतरे में 93 लाख आबादी !

समुद्र नहीं, अब हिमालय से आएगी ‘सुनामी’, बह जाएंगे हजारों गांव! IIT रुड़की का अलर्ट- खतरे में 93 लाख आबादी

Glacial Lake Floods In Himalayas: IIT रुड़की की स्टडी के अनुसार, हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियल झीलों का क्षेत्रफल 5.5% बढ़ गया है. इन 31,000 से ज्यादा अस्थिर झीलों के कारण 93 लाख लोगों पर ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) का खतरा मंडरा रहा है. अकेले भारत में 30 लाख लोग इन झीलों के पास रहते हैं. वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट डेटा के जरिए चेतावनी दी है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से केदारनाथ जैसी तबाही कभी भी दोबारा हो सकती है.

हिमालय की चोटियों से आएगी 'सुनामी', बह जाएंगे हजारों गांव! IIT रुड़की का अलर्टZoom

हिमालय की झीलों में भरा करोड़ों टन पानी बन सकता है काल. (AI Photo)

नई दिल्ली: हिमालय की बर्फीली चोटियों के बीच एक ऐसी तबाही आकार ले रही है, जो सुनामी से कम खतरनाक नहीं है. IIT रुड़की के रिसर्चर्स ने एक चौंकाने वाली स्टडी में बताया है कि हिमालय के पहाड़ों पर बनी ग्लेशियल झीलों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित रवींद्र कुमार और सौरभ विजय की इस रिसर्च के अनुसार, हाई माउंटेन एशिया (HMA) क्षेत्र में 2016 से 2024 के बीच इन झीलों के क्षेत्रफल में 5.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है. वर्तमान में करीब 31,000 से ज्यादा ऐसी झीलें हैं, जो 93 लाख लोगों के लिए सीधा खतरा बन गई हैं.
क्या है ‘हिमालयी सुनामी’ या GLOF?
  • जब पहाड़ों पर स्थित ग्लेशियर पिघलते हैं, तो उनका पानी खाली जगहों पर जमा होकर झीलें बना लेता है. इन झीलों के चारों ओर पक्के बांध नहीं होते, बल्कि ये ढीली चट्टानों, बर्फ और मलबे (Moraine) के प्राकृतिक बांधों से घिरी होती हैं.
  • जब ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पानी का दबाव बढ़ता है या कोई एवलांच (बर्फ का तूफान) इन झीलों में गिरता है, तो ये बांध गुब्बारे की तरह फट जाते हैं. इसे ही ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) या हिमालयी सुनामी कहा जाता है.
  • केदारनाथ की 2013 वाली त्रासदी और 2023 में सिक्किम में आई बाढ़ इसी तरह के खतरे के बड़े उदाहरण हैं. ये झीलें इतनी ऊंचाई पर स्थित हैं कि जब इनका पानी नीचे गिरता है, तो वह जबरदस्त रफ्तार पकड़ लेता है.
  • इसमें सिर्फ पानी नहीं होता, बल्कि अपने साथ बोल्डर, मिट्टी और पेड़ों को बहाकर लाने वाला एक ‘चलता-फिरता पहाड़’ बन जाता है, जो रास्ते में आने वाली हर चीज को तबाह कर देता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *