मध्य प्रदेश

फैक्ट्री प्रबंधन पानी को साफ कर नाली में छोड़े!!!

फैक्ट्री प्रबंधन पानी को साफ कर नाली में छोड़े

विकास भवन मालनपुर में कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना ने विभिन्न फैक्ट्रियों के प्रबंधकों के साथ बैठक की। बैठक में आईडीसी के एमडी अनीशा श्रीवास्तव , फैक्ट्रियों के प्रबंधक और पुलिस अ​धिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि मालनपुर के जिस नाले में विभिन्न फैक्ट्रियों छोड़ा जाता है, वह पानी केमिकलयुक्त होता है, जो काफी नुकसानदायक है। इस​लिए फैक्ट्रियों जो पानी छोड़ा जाए उसको पहले फिल्टर किया जाए उसके बाद नाले में छोड़ा जाए। इसके लिए कैडबरी फैक्ट्री के पास फिल्टर प्लांट लगाया जाए।

इसी क्रम में कलेक्टर ने कहा कि मालनपुर में फैक्ट्री वाहनों के खड़े होने के लिए ट्रांसपोर्ट नहीं है। ऐसे में वाहन सड़क पर ही खड़े होते हैं। ट्रांसपोर्ट के लिए जल्द जगह का चयन किया जाए। इस पर बैठक में मौजूद लोगों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट के लिए मालनपुर में तीन जगह देखी गई हैं। वहीं कलेक्टर ने कहा कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों और श्रमिकों की सुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उनको किसी भी प्रकार की कोई परेशान न हो। बैठक में फैक्ट्रियों के प्रबंधकों ने कहा कि हाईवे पर जो टोल प्लाजा है। उसको अन्य जगह स्थानांतरित किया जाए। बैठक में आदित्य शुक्ला, योगेश चौहान,

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मालनपुर औद्योगिक इकाइयों की कलेक्टर ने ली बैठक:कर्मचारियों के परिवहन, फायर सेफ्टी, पर्यावरण संरक्षण को लेकर दी हिदायत

भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक संवर्धन एवं इकाइयों की समस्याओं को लेकर बुधवार को विकास भवन मालनपुर में कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, कर्मचारियों की सुविधाओं और क्षेत्र की बुनियादी व्यवस्थाओं पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए स्मार्ट सिटी बस सेवाएं उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलना आवश्यक है, जिससे उत्पादन और कार्यकुशलता प्रभावित न हो।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर कलेक्टर ने सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने-अपने परिसरों में प्रदूषित जल के शोधन हेतु अनिवार्य रूप से ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि पर्यावरण मानकों का पालन न करने वाली इकाइयों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

औद्योगिक सुरक्षा के तहत कलेक्टर ने जानकारी दी कि 6 फरवरी को इंडियन ऑयल बॉटलिंग प्लांट में औद्योगिक सुरक्षा आधारित मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी औद्योगिक इकाइयों की सहभागिता अनिवार्य रहेगी।

फायर सेफ्टी को लेकर प्रत्येक इकाई को अपने परिसर में आवश्यक अग्निशमन उपकरण संधारित रखने और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में औद्योगिक क्षेत्र के सुव्यवस्थित सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि सीएसआर मद के माध्यम से औद्योगिक इकाइयां आपसी समन्वय से सौंदर्यीकरण के कार्य कराएं। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट लगाने, असुरक्षित स्थानों पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने बड़े वाहनों, ट्रक-ट्रालों की व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने, रेस्ट रूम एवं सुलभ कॉम्प्लेक्स की सुविधा उपलब्ध कराने तथा अतिक्रमण हटाने के लिए नगर परिषद और थाना मालनपुर को कार्रवाई के निर्देश भी दिए। बैठक में एमपीआईडीसी, फायर सेफ्टी, प्रशासनिक अधिकारी एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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