नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम सहित पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की घोषणा में अभी भले ही वक्त है, जिसके मार्च अंत तक होने की उम्मीद है लेकिन चुनाव आयोग ने इन राज्यों से जुड़ी चुनावी तैयारियों को तेज कर दी है।

इस कड़ी में चुनाव आयोग ने इन राज्यों में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किए जाने वाले अधिकारियों के साथ गुरुवार से चर्चा शुरू कर दी है। दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए 14 सौ से अधिकारियों को बुलाया गया है।

चुनाव आयोग ने पांच राज्यों की चुनावी तैयारी तेज की

इनमें सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक आदि के रूप में तैनात किए जाने वाले अधिकारी शामिल है। पर्यवेक्षकों के साथ दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक के पहले दिन यानी गुरुवार को उन्हें संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि उन्हें आयोग की ओर से पथ-प्रदर्शन के रूप में सेवाएं देने के लिए चुना गया है।

पर्यवेक्षकों को चाहिए कि वे स्वतंत्र, निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करें। चुनाव से जुड़े नियमों व दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराए। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए हमेशा उपलब्ध रहने के भी निर्देश दिए। मतदाताओं की शिकायतों को समय से निपटाने पर भी जोर दिया।

स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गएइस दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में तैनात किए जाने वाले इन अधिकारियों को चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डा विवेक जोशी ने भी संबोधित किया।

आयोग के मुताबिक इस दौरान जिन 14 सौ से अधिक अधिकारियों को बुलाया गया है, उनमें 714 अधिकारियों को सामान्य पर्यवेक्षक के लिए, जबकि 233 अधिकारियों को पुलिस पर्यवेक्षकों व 497 अधिकारियों को व्यय पर्यवेक्षक के रूप में तैनाती के लिए चिन्हित किया गया है।

गौरतलब है कि जिन पांच राज्यों में आने वाले दिनों विधानसभा चुनाव होने वाले है, उनमें पश्चिम बंगाल, असम के साथ तमिलनाडु, केरल व पुंडुचेरी शामिल है।