मंत्री के बेटे की फॉर्च्यूनर से कुचलकर युवक की मौत !
ललितपुर में राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ‘मन्नू कोरी’ के बेटे की फॉर्च्यूनर से घायल युवक की मौत हो गई। इससे परिजन भड़क उठे। उन्होंने हावड़ा पुल के पास ललितपुर–जाखलौन मार्ग को जाम कर दिया। सड़क पर शव रखकर करीब 9 घंटे तक प्रदर्शन किया।
परिजनों ने तीन डिमांड रखी है।
पहली- मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी।
दूसरी- 50 लाख रुपए की मदद।
तीसरी- एक सदस्य को नौकरी। लोगों ने सड़क पर बिजली का बड़ा खंभा रखा और टेंट लगाकर परिजन बैठ गए।
इस दौरान युवक की मां बेहोश हो गई। भीम आर्मी जिला प्रभारी हरपाल सिंह, जिलाध्यक्ष रमाकांत चौधरी और सपा जिलाध्यक्ष नेपाल यादव भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने समझाने का प्रयास किया।
इसके बाद डीएम सत्य प्रकाश ने मृतकों के परिजनों को तत्काल 5-5 लाख रुपए की आर्थिक मदद व अस्पताल भर्ती घायल शंकर का उचित इलाज कराने का आश्वासन दिया। पीड़ितों के परिवार की हर संभव मदद करने की बात कही। जिसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गए।
अब जानिए पूरा मामला…
बाइक को टक्कर मारी, लोग पहुंचे तो धमकाया
मामला थाना जाखलौन क्षेत्र के बरखेरा गांव का है। 26 जनवरी की रात करीब एक बजे अनुज यादव (21) अपने चचेरे भाई शिवेंद्र यादव (18) और शंकर (45) के साथ सुंदरकांड पाठ के कार्यक्रम से बाइक पर घर लौट रहा था। इसी दौरान जाखलौन से ललितपुर की ओर आ रहा राज्यमंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी का बेटा नरेश पंथ अपने साथियों के साथ जा रहा था।
फॉर्च्यूनर की स्पीड 100 से ज्यादा थी। कार ने हावड़ा पुल के पास बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि फॉर्च्यूनर के एयरबैग खुल गए। चारों दरवाजे लॉक हो गए। इसके बाद, कार में सवार सभी लोग पीछे की खिड़की तोड़कर बाहर निकले। जब लोगों ने विरोध किया, तो मंत्री के बेटे ने बंदूक दिखाकर लोगों को धमकाया। रात का फायदा उठाकर सभी लोग भाग गए।
इस हादसे में बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं गांव वालों ने घायलों के परिजनों और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने तीनों घायल भाइयों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रात में इलाज के दौरान शिवेंद्र यादव की मौत हो गई। जबकि अनुज और शंकर का इलाज जारी रहा। बाद में हालत गंभीर होने पर दोनों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था।

13 दिन बाद दूसरे भाई की भी मौत
अनुज यादव का झांसी मेडिकल कॉलेज में 13 दिन तक इलाज चला, लेकिन रविवार शाम दम तोड़ दिया। अनुज दो भाइयों में छोटा था और पेट्रोल पंप पर काम करता था। फॉर्च्यूनर कार राज्यमंत्री की पत्नी कस्तूरी देवी के नाम पर रजिस्टर्ड है।

मंत्री के बेटे ने सरेंडर कर ली थी जमानत
परिजनों ने 27 जनवरी को मंत्री के बेटे नरेश पंथ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। 3 फरवरी को मंत्री के बेटे नरेश पंथ ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, फिर उसी दिन जमानत ले ली।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अनुज के परिजनों ने सोमवार सुबह ललितपुर–जाखलौन मार्ग पर खंभा रखकर बंद कर दिया। इसके बाद शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 3-4 घंटे के धरने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो परिजनों ने बीच सड़क पर ही टेंट लगा दिया। धरने में मृतक अनुज की मां भी बैठी हैं। वह धरने में बेहोश हो गईं।


टेंट लगाकर प्रदर्शन किया
धरने में 200 से ज्यादा लोग बैठे रहे। अब धरने में अब भीम आर्मी जिला प्रभारी हरपाल सिंह , जिलाध्यक्ष रमाकांत चौधरी और सपा जिलाध्यक्ष नेपाल यादव भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारी लगातार परिजनों को समझाया।
मृतक शिवेंद्र के पिता राजेंद्र सिंह यादव ने बताया, मंत्री मनोहर लाल पंत के बेटे नरेश पंथ ने 26 तारीख को फॉर्च्यूनर से मेरे बेटे समेत तीन लोगों को को टक्कर मार दी थी। इस घटना में मेरे बेटे शिवेंद्र प्रताप सिंह यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई।
दूसरा घायल अनुज, जो मेरा भतीजा था, पहले निजी अस्पताल और फिर 14 दिन तक झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहा। बाद में मंत्री के हस्तक्षेप से उसे सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कराया गया, लेकिन उचित इलाज न मिलने के कारण उसकी भी मौत हो गई। तीसरे घायल शंकर नन्ना अभी मौत और जिंदगी के बीच जूझ रहे हैं और उनकी हालत बेहद गंभीर है।
मुआवजा, नौकरी मिले और मंत्री के बेटे को गिरफ्तार किया जाए
राजेंद्र सिंह यादव ने कहा- शिवेंद्र और अनुज के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाए और घायल शंकर नन्ना के इलाज के लिए कम से कम 30 लाख रुपये मिले। हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हैं कि पीड़ित परिवारों के भरण-पोषण के लिए एक-एक सरकारी नौकरी दी जाए। अनुज के बड़े भाई को, हमारे बड़े बेटे को और शंकर नन्ना के बड़े बेटे को नौकरी दी जाए, ताकि वे अपने परिवार का पालन कर सकें।
हमारी यह भी मांग है कि मंत्री मनोहर लाल पंत के पुत्र मनोहर नरेश को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और मामले में लगाई गई धाराओं को गंभीर धाराओं में बदला जाए। इस संबंध में हम मुख्यमंत्री, पुलिस प्रशासन, एसपी, डीएम और झांसी के सभी उच्च अधिकारियों से न्याय की अपील करते हैं।
परिजन को मिलेगी 5 लाख रुपए की मदद
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने परिजनों को समझाकर प्रदर्शन खत्म कराया। मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए की मदद और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का आश्नवन दिया। डीएम के साथ हुई बातचीत के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए सहमत हो गए। करीब नौ घंटे से चल रहे प्रदर्शन को परिजनों ने खत्म कर शव का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद मार्ग पर यातायात सुचारु रूप से बहाल हो गया।

