नोएडा में लैंड पूल नीति को किया जाएगा अंगीकृत …न्यू नोएडा में हाइब्रिड मोड का होगा यूज !!
नोएडा और न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए लैंड पूल निती को भी अंगीकृत किया जा रहा है। सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से मंजूरी के बाद इसे पालिसी में अंगीकृत किया जाएगा। इससे नोएडा और न्यू नोएडा दोनों में जमीन लेना आसान होगा। साथ ही तीनों प्राधिकरण की मुआवजा दर एक समान होगी।
न्यू नोएडा के लिए 80 गांवों को जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जमीन का अधिग्रहण हाइब्रिड मोड में किया जा सकता है। शासन स्तर पर इसका अंतिम फैसला लिया जाएगा। इससे पहले यहां तीन नायाब तहसीलदारों को नियुक्त किया जा रहा है। न्यू नोएडा 209.11 वर्गकिमी में बसाया जाना है। इसके लिए अक्टूबर 2024 में अधिसूचना जारी की गई थी।
प्राधिकरण ने बताया न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण कैसे किया जाएगा इसका एक प्रजेंटेशन लखनऊ में किया गया था। जिसमें हाइब्रिड मॉडल के बारे में जानकारी दी गई थी। इस मॉडल में आपसी सहमति और लैंड पूल दोनों को बताया गया। इन दोनों के जरिए ही अधिग्रहण किया सकता है।
- सबसे पहले समझे लैंड पूल नीति
- लैंड पूल नीति के तहत भू-स्वामी को 5 साल तक अथवा विकसित भूखंड प्राप्त होने तक क्षतिपूर्ति के आधार पर मासिक रूप से मुआवजा 5000 रुपए प्रति एकड़ प्रतिमाह होगा।योजना के तहत पूलिग में दी गई भूमि का 25 प्रतिशत भू-स्वामी को आवंटित की जाएगी। विकसित भूमि का 80 प्रतिशत भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए जो कम से कम 450 वर्गमीटर का होगा। 12 प्रतिशत उपयोग आवासीय जो कम से कम 172 वर्ग मीटर वहीं, 8 प्रतिशत उपयोग व्यवसाय के लिए जो कम से कम 48 वर्ग मीटर का होगा।जहा भी न्यूनतम आकार भी भूमि से कम भू-स्वामी को आवंटित होगी वहां उन मामलों में भू-स्वामी द्वारा अतिरिक्त भूमि मानकों के अनुसार खरीदी जा सकेगी।लाटरी के जरिए भू-स्वामियों को विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे।लैंड पूल नीति में बाई-बैक का प्रावधान नहीं होगा। आवंटित भूमि पर मास्टर प्लान, बिल्डिंग बॉयलॉज , स्वीकृत जोनल प्लान लीज डीड की शर्तें मान्य होंगी। भू-स्वामी के लिए स्टांप ड्यूटी देय नहीं होगी। लेकिन प्राधिकरण को पंजीकरण शुल्क देना होगा।विकसित भूखंडों पर जल आपूर्ति, जल निकासी, सीवरेज , बिजली, , कचरा निष्पादन निस्तारण का प्रावधान किया जाएगा।इन भूखंडों का रखरखाव की जिम्मेदारी प्राधिकरण की होगी।
चार फेज में बसेगा शहर
न्यू नोएडा 209.11 वर्गकिमी में यानी 20 हजार 911.29 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। इस मास्टर प्लान को चार फेज में पूरा किया जाएगा। 2023-27 तक इसके 3165 हेक्टेयर को विकसित किया जाएगा। इसी तरह 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर एरिया को विकसित किया जाएगा। इसके बाद 2032-37 तक 5908 हेक्टेयर और अंत में 2037-41 तक 8230 हेक्टेयर जमीन को विकसित करने का प्लान है।
एक समान होगा मुआवजा
नोएडा ग्रेटरनोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण की मुआवजे की दर अभी अलग-अलग है। इन तीनों में एक रुपता लाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। ताकि जनपद में मुआवजा दर को लेकर किसानों का आंदोलन नहीं हो। मुआवजा दर क्या होनी चाहिए उस पर विचार किया जा रहा है। इसे मौजूद दर से बढ़ाया जाएगा। बढ़ा मुआवजा दर तीनों प्राधिकरण के लिए समान होगा। इसी दर से न्यू नोएडा के किसानेां को मुआवजा दिया जाएगा।

