इंटीग्रेटेड टाउनशिप नियम लागू…बिल्डर को देनी होगी 125 फीसदी बैंक गारंटी !
इंटीग्रेटेड टाउनशिप नियम लागू…
टाउनशिप का काम अधूरा छोड़ा तो सरकार करेगी पूरा, बिल्डर को देनी होगी 125 फीसदी बैंक गारंटी

मप्र सरकार ने टाउनशिप में मूलभूत सुविधाएं अधूरी छोड़ने पर सख्ती कर दी है। अब टाउनशिप स्वीकृत होते ही बिल्डर को 30 दिन में विकास लागत की 125% बैंक गारंटी देनी होगी। समय पर काम पूरा नहीं हुआ तो सरकार उसी गारंटी से सड़क, पानी जैसे अधूरे काम पूरे कराएगी। फरवरी 2025 की ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में घोषित इंटीग्रेटेड टाउनशिप नियमों का नोटिफिकेशन जारी हो गया है।
कौन बना सकेगा टाउनशिप?
- 10-20 हेक्टेयर के लिए 5 करोड़ नेटवर्थ।
- 20-40 हेक्टेयर के लिए 10 करोड़।
- 40-100 हेक्टेयर के लिए 20 करोड़।
- 100-300 हेक्टेयर के लिए 50 करोड़।
- 300 हेक्टेयर से अधिक पर 250 करोड़ नेटवर्थ जरूरी।
टाउनशिप के लिए कितनी जमीन जरूरी?
- 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों में 10 हेक्टेयर।
- 5 लाख से अधिक आबादी में 20 हेक्टेयर।
- 40 हेक्टेयर से बड़ी टाउनशिप के लिए 30 मीटर चौड़ी सड़क अनिवार्य।
क्या बदला है: अब हर टाउनशिप 3 चरणों में विकसित होगी। दूसरा चरण तभी शुरू होगा, जब पहले का 50% काम पूरा हो जाए। बैंक गारंटी क्यों: कई मामलों में बिल्डर कॉलोनी अधूरी छोड़ देते थे। अब 125% बैंक गारंटी से सरकार को सुरक्षा मिलेगी। मंजूरी कौन देगा: बड़े शहरों में नगरीय विकास विभाग। जिलों में 15 दिन में कलेक्टर की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति फैसला करेगी।

