UP Assembly Elections 2022: संत कबीर नगर की धनघटा सीट पर सपा को वापसी का इंतजार, जीत दोहराने की जुगत में BJP
धनघटा सीट पर 2017 के चुनाव में भाजपा के श्री राम सिंह चौहान विधायक बने. वहीं सपा के अलगू चौहान दूसरे स्थान पर रहे थे.
घाघरा नदी के मुहाने पर बसा संत कबीर नगर जिले की धनघटा विधानसभा सीट (Dhanghata Assembly Seat) आज भी बड़े-बड़े वादों के बीच विकास की बाट जोह रही है. धनघटा के रहने वाले बासिंदों की माने तो 1991 में अलग जिला बनने के बाद उम्मीद जगी थी, लेकिन कोई फायदा नही हुआ. गांवों में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई हैं. चुनावी मौसम में जो काम होते हैं वो सब घाघरा के बाढ़ में हर साल बह जाते हैं. यहां के लोगों के लिए खेती-किसानी आय का प्रमुख साधन है. घाघरा की भयंकर बाढ़ से हर साल यह क्षेत्र प्रभावित होता है.
हालिया चुनाव परिणाम
आंकड़ों के अनुसार धनघटा विधानसभा (Dhanghata Assembly Seat) से सबसे ज्यादा पांच बार कामयाबी समाजवादी पार्टी को मिली है. 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा के दशरथ यादव 39164 वोट मिले. बसपा के राम आधार यादव दूसरे स्थान पर रहे. 2012 के विधानसभा में चुनाव में इस सीट पर सपा को फिर सफलता मिली और अलगू चौहान विधायक चुने गये. बसपा के राम सिधारे दूसरे और भाजपा नीलमणि तीसरे स्थान पर रहे. 2017 विधानसभा के चुनाव में भाजपा के श्री राम सिंह चौहान 79572 वोट पाकर यहां के विधायक है. वहीं सपा के अलगू चौहान 62 663 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे. घाघरा की बाढ़ के चलते होने वाले नुकसान हर बार नया दर्द और समस्याएं इस क्षेत्र की जनता को देकर जाती है.
जातीय समीकरण
धनघटा विधानसभा क्षेत्र (Dhanghata Assembly Seat) कुल मतदाताओं की संख्या 376109 है. महिला मतदाताओं की संख्या 173164, जबकि पुरुष मतदाता 20291 हैं. यहां की बड़ी आबादी तराई क्षेत्र में रहती है. यहां माझी और चौहान बिरादरी अहम भूमिका में रहते हैं. बेलदार-चौहान लगभग 50 हजार यादव बिरादरी, 75 हजार पिछड़ी जातियां, 65 हजार मुस्लिम, लगभग 20 हजार निषाद, 20 हजार ब्राह्मण, 14 हजार ठाकुर लगभग अति पिछड़ा वर्ग में 65 हजार मतदाता हैं. अब भाजपा दोबारा इस सीट (Dhanghata Assembly Seat) को पाने की जुगत में है, तो सपा फिर यहां कामयाब होने के लिए बेचैन है.