जेएएच की परेशानी:2 घंटे की ओपीडी में 256 मरीज पहुंचे; डॉक्टरों के समय पर न पहुंचने पर मरीजाें को परेशानी का सामना करना पड़ा
कोरोना वायरस के संक्रमण से अभी राहत है, लेकिन डेंगू और मच्छर जनित बीमारियों से मरीज परेशान हैं। शुक्रवार को जयारोग्य अस्पताल में सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी खुली। 2 घंटे की ओपीडी में 256 मरीजों ने उपचार लिया। इस दौरान कुछ डॉक्टर ओपीडी में देरी से पहुंचे। जिससे मरीजों को इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को सुबह 9 से 11 बजे की ओपीडी में ज्यादातर जूनियर डॉक्टर ही मरीजों को देख रहे थे। सबसे अधिक मरीज मेडिसिन विभाग में 53 और कोल्ड ओपीडी में 41 मरीज पहुंचे। डेंगू से मरीजों को अभी राहत नहीं मिल सकी है।
मौसम बदलने के कारण सर्दी-जुकाम के मरीज सबसे अधिक पहुंचे। जेएएच के गायनिक विभाग में पत्नी का इलाज कराने पहुंचे कृष्णा को परेशानी का उस समय सामना करना पड़ा, जब डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के साथ माइक्रोबायोलॉजी और सीपीएल की जांच कराने के लिखा, लेकिन जांच करने वाले मौजूद नहीं थे। इससे बिना जांच के ही लौटना पड़ा। एक्सरे कराए बिना मरीज लौट गए।
आज भी 2 घंटे की ओपीडी भाई दौज शनिवार को है। इस दिन भी अवकाश है। इसके चलते जेएएच में सुबह 9 से 11 बजे तक की ओपीडी रखी गई है। दो घंटे की ओपीडी में मरीज उपचार कराने के लिए जयारोग्य अस्पताल पहुंच सकते हैं। ओपीडी में डॉक्टरों के गायब रहने की शिकायत नहीं मिली ^दो घंटे की ओपीडी में कुछ विभागों में डॉक्टरों के गायब होने की मुझे कोई शिकायत नहीं मिली है, जो भी मरीज पहुंचे हैं,उन्हें इलाज मिला है। -आरकेएस धाकड़, अधीक्षक,जेएएच